सोनीपत : शनिवार के चक्का जाम को सफल बताते हुए किसानों ने सरकार को फिर नसीहत दी है। किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र को चेताया कि वह किसी दबाव में आकर बात नहीं करेंगे बल्कि सरकार के पास 2 अक्तूबर तक का समय है, वह जितना चाहे आंदोलन को तोडऩे की कोशिश कर ले। गाजीपुर बार्डर धरनास्थल पर किसानों के बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं संयुक्त मोर्चा के सदस्य राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि वह गांधी जयंती तक प्लान करके आए हैं, अब सरकार के पास समय ही समय है। तब तक खूब सोच-विचार कर ले। इसके बाद किसानों का समय शुरू होगा। यह सरकार को देखना है कि वह किस तरह से आंदोलन को समाप्त करवाना चाहती है।

किसानों की तो पहली और आखिरी मांग तीनों कानून रद्द करने, एम.एस.पी. पर गारंटी कानून बनाने की है। उन्होंने चक्का जाम को लेकर कहा कि इस तरह शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने से ही किसानों की ताकत बढ़ेगी और आंदोलन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसान अब आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। टिकैत ने बैरिकेड के दूसरी ओर खड़े पुलिस कर्मियों को प्रणाम करते हुए यह आह्वान किया कि वे उनके खेतों की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि जवान और किसान को मिलकर यह लड़ाई लडऩी होगी। वहीं कुंडली बार्डर पर संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के संसद में दिए गए बयान पर कड़ा एतराज जताया है। यहां किसान नेताओं ने कहा कि केंद्रीय मंत्री संसद की गरिमा भी नहीं रख रहे हैं और वहां भी झूठ बोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह तीनों कानून काले ही तो हैं, यह बात किसान बैठकों में कृषि मंत्री को कितनी बार समझा चुके हैं लेकिन मंत्री कहते हैं कि उन्हें एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिला जो इनमें काला क्या है यह बता सके। उन्होंने इस बयान की निंदा की और चक्का जाम को सफल बनाने के लिए लोगों का आभार जताया। संयुक्त मोर्चा के सदस्य डा. दर्शनपाल ने कहा कि बातचीत का जो क्रम बंद हुआ है, इसके बाद अब किसान आंदोलन की अगली नीति और रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राकेश टिकैत ने भी यही कहा है कि आंदोलन लंबा चल सकता है, इसलिए 2 अक्तूबर तक की तैयारी करके आए हैं।