भिवानी : जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते तब तक घर नहीं जाऊंगा। लाल किले पर जो हुआ वह साजिश के तहत किसानों से धोखा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कितलाना टोल पर आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। दूसरी ओर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी कितलाना जनसभा में नहीं पहुंचे। उनका लोगों को इंतजार रहा। महम से विधायक बलराज कुंडू ने अपने संबोधन में राज्य सरकार, केंद्र सरकार व इनेलो पर निशाना साधा।

इस मौके पर राकेश टिकैत ने कहा कि खाप सिस्टम बहुत मजबूत है और आज भी इसकी जरूरत है। आप आपस में बंटना मत। किसान आंदोलन को खत्म करने की साजिश की जा रही हैं लेकिन आंदोलन मजबूत और संगठित है। किसानों का आंदोलन दो अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद इसे जारी रखने के लिए नए सिरे से रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों पर बनाए गए मुकदमे तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाएं और जेल में बंद किसानों को रिहा किया जाए। सरकार पर हमला बोलते हुए टिकैत ने कहा कि सत्तासीन सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। अनाज को तिजोरियों में बंद नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गांव-गांव कह दो दिल्ली जरूर पहुंचें। युवा संयम से काम लें। उन्होंने हाथ खड़े करवाकर समर्थन मांगा। उन्होंने जनसभा में आह्वान किया कि जवानों को जमीन से जोड़ें। साथ ही यह भी कहा कि खेती को बढ़ावा दें, कंपनियों को नहीं। पर्यावरण बचाने का भी किया आह्वान किसान नेता राकेश टिकैत ने पर्यावरण बचाने और जल संरक्षण का भी आह्वान किया। उनके इस आह्वान पर जनसभा में खूब समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों को जमीन से जोड़ें। मिट्टी से लगाव होना जरूरी है। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए डा. दर्शनपाल ने कहा कि 25 किसान आज भी लापता हैं। किसान संगठन से पांच सौ किसान संगठन जुड़ चुके हैं। जो किसान आंदोलन के दौरान शहादत पा चुके हैं, जो घायल हुए हैं उन सबकी मदद किसान मोर्चा करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलबीर राजेवाल ने कहा जब जोश और होश यानी युवा और बुजुर्ग एक साथ हों तो संघर्ष मुकाम तक जरूर पहुंचता है। यह तो कृषि कानूनों की वापसी की बात है, अभी तो आर्थिक आजादी की लड़ाई भी लड़नी है। उन्होंने कहा जनता सत्ता में बैठे लोगों को आईना दिखाएगी, तब बात बनेगी। किसान महापंचायत की अध्यक्षता दादरी के विधायक सोमवीर सांगवान ने की। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। जन सभा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा शामिल हुए।
