पीएम किसान योजना से जुड़े करीब 4 लाख किसानों के नाम योजना से काटे गए हैं। पता चला कि कई किसान इनकम टैक्स अदा कर रहे थे तो कुछ के आधार कार्ड मिसमैच मिले। साथ ही कई के लैंड रिकॉर्ड वेरिफिकेशन में सही नहीं पाए गए। इसके बाद चार लाख किसानों के नाम कट गए हैं। आधार कार्ड से जुड़ने के बाद यह चौकाने वाली बातें सामने आई हैं।
शुरुआत में योजना के तहत खाते से आधार कार्ड जोड़ना अनिवार्य नहीं था, लेकिन चौथी किस्त के बाद से अनिवार्य कर दिया गया। कृषि विभाग के एसीएस देवेंद्र सिंह के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कुछ किसानों ने नियमों के अनुसार पंजीकरण नहीं कराया। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगराज ढांडी ने कहा- अब तक योजना के तहत किसानों को 2212 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा चुकी है। ढांडी के अनुसार कई किसानों के आधार कार्ड मैच नहीं कर रहे थे, उनके नाम और अकाउंट में दिक्कत थी। डीडीए के माध्यम से आधार कार्ड लिए गए हैं। कुछ के एड्रेस ठीक कराए हैं। कई किसानों के दो एड्रेस होते हैं, खेत कहीं और होता है और रहते दूसरी जगह पर हैं। अब पीएम किसान योजना का लाभ 14.5 लाख के आसपास ले रहे हैं।
यूं मिली है राशि : पहली किस्त में 18.92 लाख किसानों को 378.54 करोड़ , दूसरी में 17.72 लाख को 354.58 करोड़, तीसरी में 17.55 लाख को 351.05 करोड़, चौथी में 16.36 लाख को 327.40 करोड़ रुपए, 5वीं में 14.79 लाख को 295.88 करोड़, छठी में 13.77 लाख को 275.58 करोड़ और सातवीं किस्त में 11.48 लाख को 229.78 करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार इस योजना को प्रदेश सरकार परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि योजना में जिन्होंने पंजीकरण कराया है, कहीं वे सरकारी नौकरी में तो नहीं हैं। जिन किसानों ने इनकम टैक्स देने के बावजूद योजना में पंजीकरण कराया था। उनमें से करीब 500 किसानों ने ईमानदारी दिखाई और विभाग को खुद जानकारी देकर राशि लौटा दी है। गलत तरीके से राशि ले चुके अन्य किसानों से रिकवरी पर फैसला बाकी है।
