26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू और इकबाल सिंह को लेकर दिल्ली पुलिस की टीम लाल किला पहुंची है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम दोनों से पूछताछ करने में जुटी है। चार दिनों की पूछताछ के बाद दीप सिद्धू और इकबाल सिंह ने कई खुलासे किए लेकिन दिल्ली पुलिस और सबूत इकट्ठा करने के मकसद से क्राइम सीन को रिक्रिएट कर रही है। पुलिस उनके बयान की तफतीश करने में जुटी है कि वो कितने सच हैं। जांच एजेंसी उन सभी सवालों के उत्तर जानना चाहती है जिसके कारण हिंसा हुई।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक दीप ने सिंघू बॉर्डर के आगे ही एक कमरा भी किराए से लिया हुआ था वहां भी वो अक्सर रुकता था। पूछताछ में उसने बताया है कि शुरुआत में तो वो भी किसानों के समर्थन में जन आंदोलन से जुड़ा था पर बाद में उसने किसान नेताओं को समझाने की कोशिश की कि वे चक्काजाम या रैली न करें लेकिन किसान नेताओं ने उसकी बात नहीं मानी। स्पेशल सेल के अधिकारियों ने जब उससे पूछा तुम तो वीडियो बनाते, लोगों को भड़काते हुए नजर आ रहे हो तो दीप का कहना था वो तो करना पड़ता है इसलिए क्योंकि मैं भीड़ के साथ था।
दीप ने बताया वो कई दफा लक्खा सिधाना से सिंघु बॉर्डर पर मिला था। 26 जनवरी के बाद दीप ने मोबाइल फोन डर के चलते फेंक दिया था और वह लगातार अपने दोस्तों के मोबाइल नंबर से बात कर रहा था। उनके ही नंबरों से वीडियो बनाकर अपना फेसबुक आईडी पासवर्ड विदेशी दोस्तों को देकर वह अपने वीडियो कैलिफोर्निया में बैठी अपनी महिला मित्र से अपलोड करवाता था। यह सब दीप सिद्धू की चाल थी, ताकि जांच एजेंसियां उसे ट्रेस न कर सकें। वह लगातार सोशल मीडिया के जरिए विडियो अपलोड करके अपनी दलीलें देकर सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती भी दे रहा था।इससे पहले, पुलिस ने आरोप लगाया कि सिद्धू लाल किले पर हुई हिंसा की घटनाओं को भड़काने वाला मुख्य आरोपी है। पुलिस ने यह कहते हुए दस दिन की हिरासत मांगी थी कि ऐसे वीडियो में हैं जिनमें सिद्धू कथित रूप से घटनास्थल पर देखा जा सकता है। पुलिस ने कहा कि ऐसे में अन्य आरोपियेां की शिनाख्त एवं गिरफ्तारी के लिए उससे पूछताछ करना जरूरी है। जांच अधिकारी ने आरोप लगाया, वह भीड़ को उकसा रहा था। वह मुख्य दंगाइयों में भी एक था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धू वीडियो में लालकिले में अपने साथियों के साथ प्रवेश करते हुए नजर आता है और जब झंडा लहराया गया तब वह वहीं मौजूद था। सूत्रों का दावा है कि उसने पुलिस ने बचने के लिए एक धार्मिक स्थल में भी शरण ली थी।
