हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने वाले प्रदर्शनकारियों से नुकसान की भरपाई करने का कानून लेकर आएगी। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री के साथ किसानों के प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि कुछ लोग सिर्फ इसलिए आंदोलन कर रहे हैं कि उन्हें केंद्र के कानूनों के खिलाफ विरोध करना है। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली में राज्य के सांसदों के साथ ही बैठक की, जिसमें कि मार्च में विधानसभा में पेश होने वाले राज्य के बजट को लेकर चर्चा की। कृषि कानूनों को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तीनों कृषि कानून किसानों के फायदे के हैं और इसके जरिए कृषि के क्षेत्र में बड़े बदलाव होंगे। बयान के अनुसार सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कुछ लोग केवल ”विरोध जताने के लिये” प्रदर्शन कर रहे हैं और यह उनकी ”निहित राजनीतिक मंशा” को दर्शाता है। इससे पहले खट्टर ने राज्य में किसानों के खुश होने का दावा करते हुए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेताओं राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी पर निशाना साधा था और आरोप लगाया कि कुछ ‘‘हताश’’ नेता किसानों का इस्तेमाल अपने हित साधने के लिए कर रहे हैं। सीएम मनोहर लाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि तीन कृषि कानूनों को किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है लेकिन कुछ हताश नेता हैं जिनकी मंशा कुछ और है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह चढूनी हों या राकेश टिकैत, वे किसानों के हित में कुछ नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय वे किसानों का इस्तेमाल अपने हितों की पूर्ति करने के लिए कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार किसानों को कई सुविधाएं दे रही है, उनके लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और साथ ही फसलों की बाधा रहित खरीद भी सुनिश्चित की है।
