भारत के टोल प्लाजा पर आज से कैश लेन को खत्म कर दिया गया है। वहीं ऑटोमेटिक पेमेंट सिस्टम फास्टैग अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में जिन लोगों ने फास्टैग को अपने गाड़ियों पर नहीं लगाया है उन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती है। दरअसल फास्टैग जिन गाड़ियों पर नहीं हैं या फिर लगे हुए टैग काम नहीं कर रहे हैं तो ऐसे चालकों को जुर्माना देना पड़ेगा।
बता दें कि फास्टैग न लगाने वाले ग्राहकों से उनके वाहन कैटेगरी के अनुसार लगनेवाले टोल की दोगुनी रकम बतौर जुर्माने के तौर पर वसूली जाएगी। साथ ही जिन वाहनों पर फास्टैग लगा है उन्हें टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्कता नहीं है। इसके अलावा फास्टैग से जुड़े कई सवाल आपके मन में होंगे जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। तो आइए जानते हैं फास्टैग से जुड़े उन सवालों के जवाब ना जरूरी है।
कमर्शियल वाहनों के लिए कितना जरूरी है फास्टैग
पीले नंबर प्लेट वाले वाहन चाहे वह छोटे वाहन हो या बड़े वाहन हो , टोल प्लाजा से गुजरने के लिए फास्टैग होना जरूरी है. ट्रक, कैब सर्विस वाले वाहन, सवारी गाड़ी कमर्शियल वाहन के अंदर आते हैं।
एक्सप्रेसवे पर भी जरूरी है फास्टैग
एक्सप्रेस वे के लिए फास्टैग जरूरी है। देश में कुछ ऐसे भी एक्सप्रेसवे हैं जो प्राइवेट हैं। पर टोल टैक्स जुटाने के लिए उन्हें भी फास्टैग से जोड़ा गया है। यमुना एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग से टोल टैक्स लिया जा रहा है। यहां पर टू व्हीलर के लिए अलग से कैश लेन बनीं हुई है।
ऐसे खरीद सकते हैं फास्टैग ?
देश के किसी भी टोल प्लाजा से आप फास्टैग खरीद सकते हैं। एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक, SBI, कोटक बैंक की ब्रांच के साथ ही पेटीएम, अमेजन, गूगल पे जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी आप इसे खरीद सकते हैं। फास्टैग खरीदते समय आपके पास ID प्रूफ और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट होना जरूरी है।
टू व्हीलर वाहनों के लिए फास्टैग जरूरी नहीं है। तो इसके जरिये सफर करना आपको सस्ता पड़ सकता है। टू व्हीलर के लिए नेशनल हाइवे में स्थित टोल प्लाजा में फ्री लेन की सुविधा रहती है, वहां से आप निकल सकते हैं।
निजी वाहनों को मिलेगी छूट
निजी वाहनों के लिए फास्टैग में कोई छूट नहीं दी गयी है। आपके वाहन का नंबर प्लेट का रंग सफेद भी है तो आपको टल प्लाजा से गुजरने के लिए फास्टैग होना जरूरी है।
माई फास्टैग ऐप से जान सकते हैं स्टेटस
अगर आपकी गाड़ी में फास्टैग लगा है, तो आप उससे जुड़ी हर जानकारी माई फास्टैग नाम के UPI ऐप पर देख सकते हैं। ये ऐप आपकी गाड़ी के फास्टैग का स्टेटस भी बताता है और इसके साथ ही आप अपने फास्टैग अकाउंट को इस ऐप से लिंक करके पेमेंट भी कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने बैंक अकाउंट को इस ऐप से लिंक कर सकते हैं।
फास्टैग की क्या होगी कीमत और वैलिडिटी?
इसकी वन टाइम फीस 200 रुपए है और रि-ईश्यू करने की फीस 100 रुपए। रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट 200 रुपए है। एक बार खरीदा गया फास्टैग स्टिकर पांच साल के लिए वैलिड होगा। SBI जैसे बैंक अनलिमिटेड वैलिडिटी का फास्टैग ऑफर कर रहे हैं। जैसे- अगर आप पेटीएम से कार के लिए फास्टैग खरीदते हैं तो आपको इसके लिए 500 रुपए खर्च करने होंगे।
फास्टैग लेना हो तो ये डॉक्यूमेंट हैं जरूरी
बैंक से फास्टैग लेने के लिए आपको KYC डॉक्यूमेंट, गाड़ी की RC, पासपोर्ट साइज फोटो, पैन कार्ड, एड्रेस और ID प्रूफ की जरूरत होगी। जिस बैंक में आपका अकाउंट है तो वहां आपको सिर्फ RC ले जाने की जरूरत होगी।
फास्टैग फट गया तो क्या करें
एक वाहन के लिए एक ही फास्टैग होता है. इसलिए अगर आपका फास्टैग डैमेज हो जाये तो उसे आप आसानी से बदल सकते हैं। इसे बदलने के लिए आपके जिस वाहन में फास्टैग लगा था उस वाहन की डिटेल भरकर फास्टैग इश्यू करा सकते हैं
