तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान अपने आंदोलन को और व्यापक बनाने की कोशिश में आज गुरुवार को देशभर में 4 घंटे के लिए रेल रोको अभियान चलाएंगे। किसानों के अभियान को देखते हुए रेलवे ने विशेष तैयारी की है। रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए देशभर में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। बता दें कि हरियाणा में 80 स्थानों और पंजाब के 15 जिलों में 21 स्थानों पर किसान दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक रेल रोकेंगे। हरियाणा सरकार रेल रोको आंदोलन को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरत रही है।
सरकार द्वारा भी इसके लिए किसानों ने तैयारी कर ली है तो जीआरपी, आरपीएफ व पुलिस भी अलर्ट है। राज्य में ट्रेनें रोकने की जिम्मेदारी खापों के पास भी रहेगी। खापों ने बैठक कर करीब 50 जगहों पर ट्रेन रोकने की तैयारी की है। इससे करीब 30 यात्री ट्रेनें और 70 मालगाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं।4 घंटे के लिए ट्रेन के माध्यम से देश का उत्तरी क्षेत्र दिल्ली से कट सकता है। रेलवे का कहना है कि हमने किसानों के कार्यक्रम के चलते किसी ट्रेन को रद्द नहीं किया है। गुरुवार को स्थिति देखते हुए ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं, रेल रोको कार्यक्रम में कोई हिंसा न हो, इसके लिए हरियाणा पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त तैयारी है। तीनों की 45 कंपनियां तैनात रहेंगी। प्रदेश में 15 अतिसंवेदनशील और 30 संवेदनशील क्षेत्रों की लिस्ट तैयार की गई है। इन पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के निर्देश हैं। देशभर में रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स की 20 अतिरिक्त कंपनियां यानी 20 हजार जवान तैनात हैं। मुख्य फोकस पंजाब, हरियाणा, यूपी व प. बंगाल पर है।
राज्य की अहम रेलवे लाइनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। जीआरपी और आरपीएफ जवानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सीएम मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज ने भी पुलिस, प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की है। किसानों के ट्रेन रोकने के दौरान उकसावे वाली कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं टीकरी बॉर्डर पर बुधवार को भी आंदोलनकारी किसानों का धरना जारी रहा। पंजाब से ट्रेन के जरिए सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। वहीं उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल बुधवार को जींद पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों की हठधर्मिता के कारण आंदोलन चल रहा है। आज तक कोई भी यह नहीं बता पाया कि कृषि कानूनों में काला क्या है। इधर, पंजाब में भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने 21 फरवरी को मजदूर किसान एकता महारैली बरनाला में करने का आह्वान किया है।
सोनीपत में किसान दो जगह रेल रोकने के लिए ट्रैक पर बैठेंगे। जींद में 10 स्थानों पर धरना देंगे। रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर रेल लाइन को बावल के समीप राजस्थान के अजरका गांव में रोकेंगे। बहादुरगढ़ में एक स्थान, रोहतक में तीन, भिवानी में 10, चरखी दादरी में एक, फतेहाबाद में दो, सिरसा में सात, हिसार में चार स्थानों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी। जीटी बेल्ट के जिलों में पानीपत में दो, अंबाला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र में एक-एक स्थान पर रेल रोकी जाएगी। कैथल के किसान कुरुक्षेत्र के थानेसर स्टेशन पहुंचेंगे, क्योंकि दोपहर 12 से चार कैथल में किसी ट्रेन का शेड्यूल नहीं है।
