दलितों पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह की गिरफ्तारी के लिए दलित संगठन ने सीटीएम हिसार के माध्यम से डीजीपी को ज्ञापन भेजा है। शुक्रवार को लघु सचिवालय में एकत्रित होकर दलित अधिकार कार्यकर्ताओं ने चर्चा कर इस पूरे घटनाक्रम की निंदा की। ऑल इंडिया दलित महिला अधिकार मंच की प्रतिनिधि मंजू व मीनाक्षी ने सीटीएम पुलकित मल्होत्रा को सौंपे ज्ञापन में कहा कि युवराज सिंह जातीय मानसिकता से ग्रस्त है। युवराज सिंह द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणियों से दलितों की अपमान हुआ है। अधिवक्ता रजत कल्सन ने इस मामले में आगे आकर न्यायालय के माध्यम से क्रिकेटर युवराज सिंह के खिलाफ हांसी में एसी-एसटी एक्ट में केस दर्ज करवाया है लेकिन पुलिस मामले को गम्भीर नहीं मानकर युवराज सिंह को बचाने की कोशिश कर रही है।
इससे दलितों में रोष पनप रहा है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि युवराज सिंह की जल्द गिरफ्तारी नही हुई तो हिसार शहर में युवराज व पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर कपिल कुमार, मोनू, भाला भाई, लीलाधर, सतबीर, सुनील व अन्य मौजूद रहे।बता दें, बीते साल एक जून को सोशल मीडिया पर क्रिकेटर रोहित शर्मा और युवराज सिंह के आपस की बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें युवराज सिंह ने अनुसूचित समाज पर एक अशोभनीय व अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस पर काफी हंगामा मचा था। वकील रजत कलसन ने युवराज सिंह के खिलाफ हांसी के पुलिस अधीक्षक के समक्ष केज दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की थी। एसपी की तरफ से आगे की कार्रवाई के लिए शिकायत को थाना शहर हांसी भेज दिया गया था। लंबे वक्त तक कोई एक्शन ना होने पर रजत कलसन लगभग एक सप्ताह पहले फिर कोर्ट पहुंच गए, जहां से कोर्ट के आदेश के बाद युवराज सिंह के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 153, 153 A, 295, 505 के अलावा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3 (1) (r) और 3(1)(s) के तहत केस दर्द किया। इस मामले में दलित संगठन युवराज सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
