पानीपत जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांव कचरौली में एक भाई ने अपने ही भाई का घर उजाड़ दिया। बता दें कि यहां एक श्रमिक की पत्नी उसके सगे चाचा के लड़के के साथ चली गई। जिसके बाद पति अन्य परिजनों के साथ अपनी पत्नी को लेने पहुंचा, लेकिन पत्नी ने बेइज्जत करके भगा दिया। इससे आहत पति ने गुरुवार को घर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पत्नी और आरोपी के खिलाफ सदर थाने में शिकायत दी है।
बता दें कि कचरौली गांव का 35 साल का धर्मेंद्र मजदूरी करता था। करीब दो साल पहले टीबी की बीमारी के चलते धर्मेंद्र की पत्नी की मौत हो गई। करीब 6 माह बाद धर्मेंद्र ने करनाल के घरौंडा निवासी नीता से दूसरी शादी कर ली। 12 फरवरी को धर्मेंद्र के काम पर जाने के बाद नीता अपने देवर पवन के साथ चली गई। फोन पर बात हुई तो पता चला दोनों पवन के मामा के घर कैथल में हैं। धर्मेंद्र अपने अन्य परिजनों के साथ 16 फरवरी को पवन के मामा के घर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि नीता और मामा ने गांव के लोग इकट्ठे कर लिए और उनको बेइज्जत कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह वापस आ गए। बुधवार रात को धर्मेंद्र ने फिर से पवन को फोन कर उसकी पत्नी को लौटाने की बात कही, लेकिन वह नहीं माना। कोई हल न निकलने पर गुरुवार को धर्मेंद्र ने घर पर ही फांसी लगा ली। उसकी बेटी प्रीति ने पिता को फंदे पर लटका देख परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। परिजनों की शिकायत पर मृतक की पत्नी व् देवर के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
