चंडीगढ़ : हरियाणा में स्कूली छात्राओं को दी जा रही मुफ्त परिवहन सुविधा की तर्ज पर अब विज्ञान पढ़ रहे नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों को भी घर से स्कूल तक आने-जाने के लिए वाहन का किराया मिलेगा। कलस्टर (संकुल) विद्यालयों में पढ़ रहे विज्ञान के छात्रों को मुफ्त सफर की मुख्यमंत्री घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
हरियाणा में ग्रामीण छात्राओं को छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत घर से स्कूल तक आने-जाने के लिए वाहन मुहैया कराने के लिए चार रुपये प्रति किलोमीटर दिए जाते हैं। शिक्षा निदेशालय ने संकुल विद्यालयों में पढ़ रहे विज्ञान के छात्रों को मुफ्त यात्रा का लाभ देने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से ब्लाक और स्कूल के अनुसार विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों का ब्योरा मांगा है। किराये का पैसा सीधे छात्रों के खाते में डाला जाएगा ताकि अभिभावक, अध्यापक एवं विद्यालय प्रबंधन समिति मिलकर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कार, वैन, जीप, आटो, मैक्सी कैब छात्रों के लिए बुक कर सकें। छात्रों को भुगतान किलोमीटर की दूरी के अनुसार होगा। यानी कि अगर किसी छात्र के घर से स्कूल आठ किलोमीटर दूर है तो उसे 16 किलोमीटर के लिए चार रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हर महीने 25 दिनों के लिए 1600 रुपये मिलेंगी। छह किलोमीटर की दूरी के लिए 600 रुपये, आठ किमी पर 800, दस किमी पर 1000, 12 किमी पर 1200 और 14 किलोमीटर के लिए 1400 रुपये प्रति छात्र उनके खाते में डाले जाएंगे।
बच्चों के लिए आनलाइन क्विज
कोरोना के चलते पढ़ाई में पिछड़े बच्चों को परीक्षाओं की तैयारी के लिए हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों के लए आनलाइन क्विज शुरू की है। सभी बच्चे अपनी कक्षा के अनुसार लिंक पर क्लिक कर क्विज में हिस्सा ले सकते हैं। सभी कक्षाओं के लिए क्विज में कुल दस प्रश्न शामिल किए गए हैं जिनमें पांच हिंदी और पांच इंग्लिश के होंगे।
पहली बार पहली से बारहवीं तक खुले स्कूल
कोरोना काल में पहली बार सभी बच्चों के लिए स्कूल खुल गए हैं। सोमवार को पहली और दूसरी कक्षाओं में भी नियमित पढ़ाई शुरू हो गई, जबकि अलग-अलग चरणों में तीसरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले जा चुके हैं। पहले दिन पहली और दूसरी कक्षाओं में करीब एक तिहाई छात्र ही स्कूलों में पहुंचे। हालांकि आठवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं में उपस्थिति 80 फीसद तक पहुंच गई है।
