
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर एक साल तक चले किसान आंदोलन की अगुवाई करने वाले किसान नेता राकेश टिकैत बुधवार को मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। वहीं, यहां से जाने से पहले संयुक्त किसान मोर्चा के अहम नेताओं में शुमार किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि यहां पर वापसी का फैसला ऊपर वाले पर है। दरअसल, राकेश टिकैत जब पूछा गया कि क्या वह दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बार्डर पर वापस लौटेंगे? इस पर उन्होंने दार्शनिक अंजाद में कहा कि फिलहाल तो कुछ नहीं कहा जा सकता। यह सब भविष्य के हाथ में है और यह सब ऊपर वाले पर छोड़ दो।
बता दें कि बुधवार सुबह यूपी गेट हवन पूजा के बाद यहां से किसानों के वाहन रवाना हुए। दौरान उनकी गाड़ी को फूलों से सजाया गया था। इस मौकै पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 383 दिन बाद दिल्ली के गाजीपुर बार्डर से किसान घर जा रहे हैं। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि अब एक दो दिन में किसान आंदोलन की वजह से बाधित रास्ता खुल जाएगा। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि यूपी गेट पर वह 13 महीने और अब 13 घंटे मुजफ्फरनगर में बिताएंगे। उन्होंने लखीमपुर कांड को लेकर कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाना चाहिए, क्योंकि वह भी हिंसा में शामिल हैं। इस मौके पर उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन स्थगित हुआ है लेकिन उनकी बर्खास्तगी की मांग जारी रहेगी।
बता दें कि पूर्व कार्यक्रम के अनुसार, राकेश टिकैत गाजीपुर बार्डर से काफिले के साथ निकल चुके हैं। वह मोदीनगर, मेरठ, दौराला टोल प्लाजा,मंसूरपुर होते हुए सौरम और फिर सिसौली पहुंचेंगे। इस बाबत बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह भंडारे और स्वागत का आयोजन है। सिसौली तक कई जगहों पर राकेश टिकैत समेत अन्य किसान नेताओं का जोरदार स्वागत किया जाएगा।
Source News: jagran
