
नई दिल्ली । देश की राजधानी में सोमवार को ओमिक्रोन के आठ नए मामलों की पुष्टि हुई। इससे दिल्ली में ओमिक्रोन संक्रमितों की कुल संख्या 30 हो गई है। इनमें से 12 मरीज लोकनायक, पांच मरीज मैक्स साकेत व एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती है। जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं। रिपोर्ट निगेटिव औने और 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा होने के साथ ही इन्हें बारी-बारी से छुट्टी दी जाएगी। इसके अलावा लोकनायक अस्पताल में विदेश से आने वाले आठ और कोरोना संक्रमित यात्रियों को भी भर्ती कराया गया है। इससे अस्पताल में भर्ती विदेश से आने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 59 हो गई है। अस्पताल में रविवार को 53 मरीज भर्ती थे, जिनमें से दो ओमिक्रोन संक्रमितों को छुट्टी दे गई। अस्पताल से अभी तक कुल 12 ओमिक्रोन संक्रमितों को छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं, मंगलवार को कुछ और संक्रमितों की जीनोम जांच रिपोर्ट आने से ओमिक्रोन के मामलों में और वृद्धि होने की आशंका है।
इस बीच संभावित कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी भी तेज कर दी है। दिल्ली में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर में कोरोना वायरस के सभी नए मामलों के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने केंद्र से दिल्ली के उन नागरिकों को, जिन्हें कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराक लग चुकी है, बूस्टर डोज की अनुमति देने की भी अपील की। मुख्यमंत्री ने लोगों से ओमिक्रोन से नहीं घबराने और लगातार मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की, क्योंकि यही वायरस के खिलाफ सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में विशेषज्ञों के साथ ओमिक्रोन के असर को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि ओमिक्रोन से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। बैठक में निर्णय लिया गया है कि दिल्ली में अभी तक एयरपोर्ट पर लोगों की जीनोम जांच चल रही थी, लेकिन अब सभी पाजिटिव मामलों की जिनोम जांच की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, तो ये किस तरह के केस हैं? उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन प्रोग्राम को और अधिक मजबूत करने और बेहतर प्रबंधन के लिए 23 दिसंबर को अहम बैठक होगी। मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल ने अपील की कि मास्क अवश्य पहनें, क्योंकि यह सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
करीब 65,000 बेड तैयार करने की है तैयारी
दिल्ली सरकार की तैयारी करीब 65,000 बेड तैयार करने की है। 30,000 आक्सीजन बेड तैयार हो चुके हैं जिनमें से 10,000 आइसीयू बेड हैं। इसके अलावा, फरवरी तक और 6,800 आइसीयू बेड तैयार होंगे। दो महीने के बफर स्टाक के तहत 32 किस्म की दवाओं का आर्डर दिया गया है।
विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है
संभावित लहर के मद्देनजर मैन पावर की कमी न हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कुल 15,370 डाक्टरों, नर्सो, मेडिकल छात्रों और पैरामेडिक्स को कोविड प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया है। इनमें 4,673 डाक्टर, 1,707 मेडिकल छात्र, 6,265 नर्स और 2,726 पैरामेडिक्स शामिल हैं।
आक्सीजन प्रबंधन को कर रहे मजबूत
सरकार दिल्ली में मेडिकल आक्सीजन इन्फ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। 442 मीटिक टन आक्सीजन भंडारण की अतिरिक्त क्षमता बना ली है। 121 मीटिक टन आक्सीजन बननी भी चालू हो गई है। आपातकालीन उपयोग के लिए 6,000 डी-टाइप के सिलेंडर भी रिजर्व में रखे गए हैं। दिल्ली में पहले आक्सीजन रिफिलिंग क्षमता एक दिन में 1,500 सिलेंडर थी। अब इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए 12.5 मीटिक टन की क्षमता के दो क्रायोजेनिक प्लांट स्थापित किए गए हैं। इनसे प्रतिदिन अतिरिक्त 1,400 जंबो सिलेंडर भरे जा सकेंगे।
टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट की रणनीति पर जोर
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कोरोना के नए मामले अधिक आ रहे हैं वहां संक्रमण की रोकथाम के उपाय सख्त किया जाएं और टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट की रणनीति का नए सिरे का सख्ती के साथ पालन हो। बैठक में मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, मुख्य सचिव व एम्स के निदेशक ने हिस्सा लिया। उपराज्यपाल ने अधिकारियों से कोरोना संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया।
Source News: jagran
