
ग्रेटर नोएडा : विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही भाजपा, कांग्रेस, सपा व बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिल्ली, लखनऊ के चक्कर काट रहे थे। पहली बार ऐसा हो रहा है कि कांग्रेस से टिकट के दावेदार पूर्व जिलाध्यक्ष टिकट पाने के लिए राजस्थान के चक्कर काट रहे हैं। दावेदार को उम्मीद है कि सचिन पायलट उनकी गुहार सुनेंगे।
दरअसल, राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का कांग्रेस में बड़ा कद है। गौतमबुद्ध नगर उनका गृह जनपद है। वह वेदपुरा गांव के रहने वाले है। उनके पिता राजेश पायलट का भी यहां पर टिकट बंटवारे में हस्तक्षेप रहता था। जेवर क्षेत्र से दावेदारी पेश करने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कुछ दिन पहले स्वेच्छा से पद छोड़ा था। दादरी से दीपक भाटी चोटीवाला, डाक्टर महेंद्र नागर, अजय चौधरी टिकट की दौड़ में शामिल है।
पूर्व यूथ कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राजेंद्र अवाना नोएडा से टिकट मांग रहे है। वहीं भाजपा से पूर्व जिलाध्यक्ष भाजयुमो सुनील भाटी, पूर्व जिलाध्यक्ष रकम सिंह भाटी व प्रणीत भाटी भी दावेदारी कर रहे हैं। सपा से पूर्व जिलाध्यक्ष फकीरचंद नागर के अलावा अतुल शर्मा ने दावेदारी पेश की है। वहीं कृपाराम शर्मा बसपा से खुद को प्रत्याशी के रूप में पेश कर रहे हैं।
पूर्व के अलावा वर्तमान भी कतार में
कुछ पार्टी ऐसी भी है जिसके वर्तमान जिलाध्यक्ष विधायक बनने का सपना देख रहे है। नोएडा से कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रामकुमार तंवर व भाजपा से महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता नोएडा से टिकट की दावेदारी कर रहे है।
चुनाव में पहनाई टोपी, देना होगा हिसाब
वहीं, विधानसभा चुनाव में भारत निर्वाचन आयोग ने खर्च की सीमा बढ़ा दी है। प्रत्याशी अब 40 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे। चुनाव में प्रचार के दौरान पार्टी या राजनीतिक दलों के द्वारा जिन सामग्रियों का प्रयोग किया जाएगा उसका मूल्य जिला प्रशासन ने निर्धारित कर दिया है।
चुनाव में बाहुबल के साथ ही धनबल का भी प्रयोग होता है। लेकिन पूर्व के मुकाबले अब इसमें काफी बदलाव आ गया है। प्रत्याशियों के द्वारा किस-किस मद में कहां-कहां पर खर्च किया जा रहा है सभी पर निर्वाचन विभाग की टीम नजर रखती है। प्रत्याशियों के द्वारा चुनाव प्रचार में गाड़ी, खाना, टेंट, कुर्सी, पोस्टर, बैनर, पार्टी का झंडा, चाय सहित अन्य मद में पैसा खर्च किया जाता है। जिला निर्वाचन विभाग ने सभी चीजों के रेट निर्धारित कर दिए हैं।
प्रचार या कार्यक्रम के दौरान यदि प्रत्याशी लोगों को चाय या काफी पिलाते हैं तो प्रति चाय दस व प्रति काफी 15 रुपये का व्यय प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। समोसा दस, पूड़ी सब्जी का पैकेट तीस रुपये, पैटीज 15, सामान्य मिठाई 350 व काजू बर्फी 750, एक टोपी दो रुपये, बैज तीन, गले की एक पट्टी का दाम सवा तीन रुपये रखा गया है। ढोल नगाड़ा के लिए 400 रुपये, प्रचार में मोटर साइकिल 300, थ्री व्हीलर 1350 व गाड़ियों के हिसाब से खर्च 1500 से 3500 तक जोड़ा जाएगा। रागिनी कार्यक्रम के लिए 15 से 40 हजार तक जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में प्रति कुर्सी का खर्च सात, लकड़ी की मेज 12, मेज कवर छह, साधारण सोफा 50 व फैंसी सोफा का खर्च 75 रुपये जोड़ा जाएगा।
Source News: jagran
