
अक्सर रात में अचानक से आपका बच्चा भी रोने लगा जाता है? बच्चे का रात में रोना आपके लिए सिरदर्द बना गया है. तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है. अक्सर रात में जब बच्चा रोता है तो माता-पिता को लगता है कि वह किसी पीड़ा से गुजर रहा है. ज्यादातर मामलों में सोते समय बच्चे का रोना एक साधारण प्रक्रिया होती है और ये किसी गंभीर स्थिति का संकेत नहीं होता है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर बच्चे रात में क्यों होता है और उन्हें कैसे चुप कराएं.
इन कारणों के चलते रात में रोता है बच्चा
बता दें कि बच्चे का रात में रोना सामान्य स्वभाव बोता है, लेकिन हो सकता है कि शिशु को नींद या ज्यादा जगने के चलते रोना आ रहा हो. इतना ही नहीं भूख लगने के चलते भी बच्चे को रात में रोना आता है. इसके अलावा बच्चे को गर्मी लग रही हो तो भी बच्चे रात में परेशान होकर रोने लगते हैं.
ऐसे बच्चे को कराएं चुप
शिशु को केवल तभी दूध पिलाएं जब वह पूरी तरह से भूखा हो. याद रहे कि दूध पिलाने के बाद बीच-बीच में बच्चा डकार आने के लिए गैप लेता रहा. इससे बच्चा रात में नहीं रोएगा. क्योंकि बच्चा अक्सर भूख लगने पर ही रोता है. इसके अलावा सबसे पहले बच्चे को चुप कराने के लिए उसे गोद में उठा लें, उसकी पीठ थपथपाएं, उसे प्यार करें. इससे शिशु को गतिशीलता और आपके शरीर का स्पर्श प्राप्त होगा जिसके बाद शिशु चुप हो जाएगा. आप चाहें तो कमरे में चल रहे पंखे को बंद कर के भी देख सकते हैं कि शिशु के रोने का कारण कहीं वही तो नहीं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. faridabadnews24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Source News: zeenews
