
जानकारी के अनुसार, सेक्टर 3 निवासी शंभूनाथ यादव ने करीब एक साल पहले किसी को गाय 30 हजार रुपए में बेची थी। लेने वाले ने 10 हजार रुपए ही दिए थे। बाकी 20 हजार रुपए बकाया था। पैसे न देने पर अपनी गाय वापस ले आया। बताया जाता है कि जिससे गाय बेची थी, वो शिकायतकर्ता की भैंस खोल ले गया और उल्टे शिकायतकर्ता के पोते के खिलाफ केस दर्ज करा दिया।
केस मैनेज करने के नाम पर मांगे 10 हजार
इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर महेन्द्र पाल के पास थी। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर ने केस को मैनेज करने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 6 हजार रुपए शिकायतकर्ता दे भी चुका था। इसके बाद उसने डीजी विजिलेंस को इसकी शिकायत कर दी। डीजी के आदेश पर स्टेट विजिलेंस की टीम गठित कर सब इंस्पेक्टर को रेड हैंड करने की योजना बनाई गई।
परिजनों ने हंगामा किया
सोमवार को आरोपी सब इंस्पेक्टर ने शिकायतकर्ता को सेक्टर-3 कम्युनिटी सेंटर में बुलाया था। वहां किसी शादी समारोह में शामिल था। विजिलेंस ने पहले से ही जाल बिछा रखा था। शिकायतकर्ता ने जैसे ही 4 हजार रुपए की रिश्वत दी, विजिलेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के परिजनों ने विजिलेंस टीम के साथ काफी नोकझोंक भी की। इतना ही नहीं, आरोपी सब इंस्पेक्टर रिश्वत की रकम को मुंह में भी डकार गया। विजिलेंस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
