जानिये कौनसे है जिले ? , हरियाणा के इन पांच जिलों में लॉक डाउन में नहीं मिलेगी छूट

केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से लॉकडाउन में सशर्त छूट देने का एलान किया है, लेकिन हरियाणा के पांच जिलों में यह छूट नहीं दी जाएगी। तीन मई तक इन सभी जिलों में लॉकडाउन जारी रहेगा, जिसका सख्ती से पालन भी कराया जाएगा। क्योंकि इन जिलों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और कंटेनमेंट जोन (संक्रमित क्षेत्र) में रखा गया है। ऐसे में यहां प्रत्येक सार्वजनिक गतिविधि पर सख्ती से प्रतिबंध जारी रहेगा। पंचकूला, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम का नाम इस सूची में है।

हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के कारण उपजे आर्थिक संकट से निपटने के लिए उद्योगों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम शुरू कराने के लिए व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। काम दोबारा शुरू करने की अनुमति लेने और पास प्राप्त करने के लिए आवेदक को सरल हरियाणा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। वाहनों के अंतरराज्यीय आवागमन के लिए ई-पास भारत सरकार के पोर्टल पर आवेदन कर ले सकेंगे। 20 अप्रैल से शुरू होने वाले काम-धंधों के आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति के लिए खण्ड, कस्बा और शहर स्तरीय कमेटियां गठित कर दी गई हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी उद्योगों व अन्य प्रतिष्ठानों में 25 व्यक्तियों तक के काम करने को मंजूरी देगी। शहरी क्षेत्रों में एसडीएम, डीएसपी, नगर निगम के ईओ, सचिव व सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी अनुमति प्रदान करेगी। 25 व्यक्तियों से 200 व्यक्तियों तक के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में, नगर निगम क्षेत्र को छोडक़र क्षेत्र के एडीसी, डीएसपी, बीडीपीओ एवं सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी और नगर निगम क्षेत्र में निगम आयुक्त, क्षेत्र के डीएसपी, नगर निगम के ईओ, सचिव तथा सहायक श्रम आयुक्त की कमेटी मंजूरी देगी। 200 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की अनुमति क्षेत्र के उपायुक्त, एसपी एवं पुलिस कमिश्नर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महाप्रबंधक और उप-श्रम आयुक्त की कमेटी द्वारा दी जाएगी।

आवेदनों की जांच और पास देने की समस्त प्रक्रिया सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से चरणबद्ध रूप में चलाई जाएगी। हर जिले में ऐसा करते समय सामाजिक दूरी बनाए रखा जाना सुनिश्चित किया जाएगा। यह स्वीकृतियां पहले आओ-पहले पाओ आधार पर दी जाएंगी। आईटी और आईटी सक्षम सेवा इकाइयों को छोड़कर उद्योगों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, वाणिज्यिक एवं निजी प्रतिष्ठानों में 20 लोग तक के लिए पास की आवश्यकता होने पर शत-प्रतिशत स्वीकृति दी जाएगी, जबकि 20 व्यक्तियों से अधिक के लिए पास की आवश्यकता होने पर कुल आवश्यकता के 50 प्रतिशत या 20 पास, जो भी अधिक हो, की अनुमति मिलेगी। सी-टू निर्माण परियोजनाओं के मामले में कुल मानव शक्ति के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी। श्रमिकों को नीले रंग के पास जारी होंगे।

कंटेनमेंट क्षेत्र से बाहर ये अनुमति भी होंगी
. गर्मी के मौसम और नए शैक्षणिक सत्र को मद्देनजर रखते हुए पुस्तक की दुकानों, स्कूल एवं कॉलेज विद्यार्थियों को पुस्तकों के वितरण की सुविधा
. एयरकण्डीशनर, एयरकूलर एवं पंखों की बिक्री एवं उनकी मरम्मत को आवश्यक सेवा माना जाएगा।
. जिला मजिस्ट्रेट स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रतिष्ठानों, उद्योगों व गतिविधियों का समय निर्धारित कर सकते हैं।
. आवश्यक सेवा प्रदाताओं को लाल रंग के तिकोने विशेष पास दिए जाएंगे
. उद्योगों एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए हरे रंग के तिकोने साधारण पास मिलेंगे
. निर्माण परियोजनाओं के लिए नीले रंग के पास दिए जाएंगे और उन्हें कंटेनमेंट क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
गृह विभाग पास जारी करने पर रखेगा निगरानी

पास जारी करने की समस्त प्रक्रिया की निगरानी के लिए गृह विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में प्रक्रिया समीक्षा कमेटी गठित की गई है। जिसमें उद्योग विभाग के सचिव और श्रम विभाग के विशेष सचिव शामिल हैं। जिला स्तरीय अन्य कमेटियों के संचालन के निरीक्षण को उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। विभिन्न सरकारी विभागों के मार्गदर्शन एवं निरीक्षण के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निरीक्षण कमेटी गठित की गई है। जिसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्रम विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, गृह विभागों के प्रशासनिक सचिव या उनका प्रतिनिधि शामिल होगा।

19 विभागों में ही चलेगा कामकाज
हरियाणा में बंद के दौरान सभी कार्यालय नहीं खुलेंगे। मुख्य सचिव कार्यालय ने आमजन के लिए असमंजस की स्थिति स्पष्ट कर दी है। जरूरी सेवाओं वाले 19 कार्यालयों को ही ए, बी श्रेणी के सभी व सी, डी श्रेणी के 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ खोला जाएगा। मुख्य सचिव कार्यालय अनुसार मुख्य सचिव, गृह, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि, जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी, विकास एवं पंचायत, सिंचाई, ऊर्जा, स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा, आईटी, वित्त, आबकारी एवं कराधान, सूचना एवं जनसंपर्क, टीसीपी, हरियाणा शहरी प्राधिकरण व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में ही सेवाएं जारी रहेंगी। चंडीगढ़ के कंटेनमेंट जोन घोषित होने से भी इन विभागों की सेवाओं पर असर नहीं पड़ेगा, चूंकि ये आवश्यक सेवाओं वाले विभाग हैं। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बंद नहीं होगी।

कंटेनमेंट जोन में नहीं होगी टोल वसूली
हरियाणा में केवल कटेंनमेंट जोन में आने वाले टोल प्वाइंटस पर ही टोल का संग्रहण अस्थायी रूप से 3 मई तक बंद रहेगा। अन्य सभी टोल प्वाइंट्स पर टोल का संग्रहण 20 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। टोल संग्रहण के दौरान कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, स्वच्छता, हाथों को बार-बार धोने, मास्क एवं दस्ताने पहनने और अन्य निवारक उपाय करने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
डीसी, एसपी उद्योगों की शिफ्ट, समय सारिणी पर उद्यमियों से चर्चा कर लेंगे निर्णय

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने सभी जिलों के डीसी, एसपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 की रोकथाम और फसलों की खरीद से संबंधित तैयारियों के कार्य की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था व कोविड-19 की रोकथाम में संतुलन बनाए रखने के लिए उद्योग खोलने जैसे आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

डीसी, एसपी अपने-अपने क्षेत्र में उद्योगों के प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरा कर उद्योगों की शिफ्ट व समय-सारिणी बारे निर्णय ले सकते हैं, बशर्ते कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग व केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन सख्ती से करना होगा। राज्य में पीपीई किट व मास्क-95 की कोई कमी नहीं है, स्वास्थ्य विभाग के पास कोविड-19 की जांच व रोकथाम में काम आने वाले सभी उपकरणों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है।

उन्होंने अधिकारियों को मोबाइल-ओपीडी की निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए सीएचसी भी खोली जाएंगी, इस बारे में अधिकारी चेकिंग कर लें। उन्होंने सड़कों के किनारे पेट्रोल पंप के पास स्थित ढाबा, पुस्तक वाली दुकानों आदि खोलने में भी भारत सरकार की हिदायतों की सख्ती से अनुपालना करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, पुस्तकों व स्टेशनरी के सामान की होम-डिलीवरी करवाई जाए।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि मंडियों में केवल वही किसान अपनी फसल बेचने आएंगे, जिनके पास मोबाइल के माध्यम से ‘एसएमएस’ पहुंचा है। अगर कोई खरीद केंद्र कंटेनमेंट जोन में आ गया है, वहां प्रतिबंध हटने के बाद ही खरीद की जाएगी।
फीस के लिए विद्यार्थियों पर नहीं डाल सकेंगे दबाव

हरियाणा के विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपने खर्च केवल महत्वपूर्ण कार्यों तक सीमित करने होंगे। राजकीय, निजी विश्वविद्यालय व कॉलेज बंद के दौरान किसी भी छात्र पर फीस का भुगतान करने के लिए दबाव नहीं डालेंगे। सीएम मनोहर लाल ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कॉलेजों के प्राध्यापकों से यह आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में समाज की भलाई के लिए विश्वविद्यालय अपने अनुसंधान का उपयोग कोविड-19 से लड़ाई लड़ने के लिए करें। प्रत्येक विश्वविद्यालय को सोशल डिस्टेंसिग के मानदंडों का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए। छात्रों की शिक्षा बाधित न हो, इसलिए हर विश्वविद्यालय और कॉलेज ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखें। बैठक के दौरान बताया गया कि पहले से ही विभिन्न ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं।

छात्रों के साथ लाइव क्लासेज, ऑनलाइन वर्कशीट, पीपीटी प्रजेंटेशन आदि चला रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम कवर करने में मदद मिल सके। प्रत्येक शिक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित रूप से काम कर रहा है कि शिक्षा सामग्री और सभी शैक्षणिक सहायता उन बच्चों को भी दी जाए जिनके पास स्मार्टफोन नहीं हैं। डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म के माध्यम से, अधिकांश विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने 70 से 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम को कवर कर लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की संभावनाएं तलाशें। उच्च शिक्षा परिषद की बैठक जल्द ही की जाएगी ताकि परीक्षाएं संचालित करने की योजना बनाई जा सके।
कंटेनमेंट जोन में नहीं होगी जमीन की रजिस्ट्री

हरियाणा में 20 अप्रैल से शुरू हो रही जमीनों की रजिस्ट्री फिलहाल कंटेनमेंट जोन में नहीं हो पाएंगी। कोरोना संक्रमित मरीजों के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इसलिए सरकार इन जोन में कोई रिस्क नहीं लेगी। इसके साथ ही जमीनों की रजिस्ट्री को लेकर सरकार ने संशोधित दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। तहसील, उप तहसील में हर कार्य दिवस में पांच-पांच मिनट के अंतर के साथ 24 डीड के पंजीकरण की ही सीमा निर्धारित की गई है।

सामाजिक दूरी बनाए रखने और अधिक भीड़ न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। तहसीलदार (सब रजिस्ट्रार) और नायब तहसीलदार (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार) आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्य भी कर रहे हैं, ऐसे में संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित पंजीकरण, राजस्व रिकॉर्ड एवं पंजीकरण डीड की प्रतियों की अदायगी, म्यूटेशन एवं सत्यापन, शपथ पत्रों का सत्यापन, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग एवं ओबीसी, आवास, अधिवासी एवं आय प्रमाण पत्र शाम चार बजे से पांच बजे के बीच जारी किए जाएंगे।

जमीनों की रजिस्ट्री बाद दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच होगी। जमीन बेचने व खरीदने वाले के पास आधार कार्ड या सरकार से जारी कोई फोटो पहचान पत्र है तो लंबरदार या अधिवक्ता को गवाह के रूप में उपस्थित नहीं होना होगा। शपथ पत्र और जाति प्रमाण पत्र के मामले में भी ऐसा ही होगा। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेकर आना होगा जो पास का कार्य भी करेगी। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट केवल विक्रेता, हस्तांतरण करने वाला या जीपीए, एसपीए व्यक्ति ही ले सकेगा।

किसी भी अधिवक्ता, डीड राइटर या सम्पत्ति सलाहकार को अग्रिम ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट नहीं दी जाएगी। सब रजिस्ट्रार, ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करेंगे कि बिक्री डीड्स में समस्त राशि की अदायगी ऑनलाइन या चेक, बैंकर्स चेक या डीडी के माध्यम से हो। नकद लेनदेन की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई नया क्षेत्र कंटेनमेंट ज़ोन की श्रेणी में शामिल होता है तो उस क्षेत्र में ये सभी गतिविधियां रोक दी जाएंगी।

You might also like