आयुष कौशिक ने उठाया शहर के बड़े डॉक्टरों के रवैया पर एक बड़ा सवाल।
गाजियाबाद : भाजपा नेता गाजियाबाद उत्तरप्रदेश व सर्व समाज एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आयुष कौशिक ने शहर के प्राइवेट डॉक्टर के रवैया पर जो सवाल उठाया है वह वास्तव में एक गंभीर सवाल है। क्योंकि इस स्थिति का सामना हर किसी को करना पड़ सकता है।
आयुष कौशिक ने कहा कि यदि कोई मर रहा हो तो उसका क्या पहले कोरोना टेस्ट होगा उसके बाद में डॉक्टर देखेंगे? हार्टअटैक फ्रैक्चर ,टाइफाइड, ब्लड प्रेशर, जैसी अनेकों इमरजेंसी बीमारियों में लोगों को पहले क्या करना होगा। किसी भी हॉस्पिटल में इमरजेंसी में एडमिट होने से पहले क्या कोरॉना टेस्ट रिपोर्ट लानी होगी? चाहे उस दौरान मरीज ही क्यों ना मर जाए।
आज के समय पर हालत ऐसी है कि किसी को भी कोई भी बीमारी हो और डॉक्टर देखने को तैयार नहीं है अपने आप को सब ने कमरों में बंद कर लिया है फोन नहीं उठाते हैं उठाते हैं तो अच्छे से जवाब नहीं देते हैं अब आम जनता ऐसे में कहां जाएं? और अगर डॉक्टर ही जनता के साथ ऐसा व्यवहार करेंगे तो यह वास्तव में बहुत ही सोचने की बात है।
क्या प्राइवेट डॉक्टर्स का जनता के प्रति इस रवैया को अपनाना ठीक है। इस प्रकार तो सैकड़ों मरीज नित्य प्रति मृत्यु के कगार पर खड़े हैं। मेरी सरकार से अपील है कि सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए क्योंकि कोरोना से अलग बीमारियों से जूझ रही जनता का इलाज कौन करेगा अगर डॉक्टर ही अपने आप को कमरे में बंद रखें पड़े रहेंगे।