गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान एवं अखिल भारतीय संत एकता आंदोलन परिषद एवं सर्वधर्म सद्भाव विश्व शांति मिशन के परमाध्यक्ष महंत कैलाशनाथ हठयोगी ने बयान जारी कर केंद्र एवं राज्य सरकरो से अपील किया कि पैदल चल रहे प्रवासी मजदूर छात्रों का कावड़ियों के तर्ज पर इंतजाम किया जाए, मार्गो पर विश्राम वाले भोजन पानी का प्रबंध सामाजिक धार्मिक संगठनों जिला प्रशासन रेड क्रॉस सोसाइटी रोटरी क्लब आदि के साथ साथ जिला व्यापार मंडल राजनीतिक दलों को मिल जुल कर करना चाहिए।
मानवता बचाओ देश बचाओ के उद्देश्य से सहयोग करने के लिए आगे आना चाहिए
महंत ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश बिहार के प्रवासी मजदूर भाइयों को उनके राज्यों में भेजने की संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र एवं राज्य सरकार की है मजदूरों का जीवन सोचनीय है उन्हें तत्काल राशन एवं विश्राम गृह मोहिया कराया जाए तथा उनका करोना टेस्ट करा कर स्पेशल ट्रेनों द्वारा उनके राज्य को वापस भेजा जाए राज्य सरकारे रेलवे स्टेशन से उनके गांव तक भेजने का प्रबंध करें।
गांव देहात का किसान मजदूर बचेगा तो देश बचेगा अन्यथा सब कुछ बेकार और बर्बाद हो जाएगा।
मंत्र ने कहा कि अभी भी समय है की प्रवासी मजदूरों को उनके घर जनपदों राज्यों शहरों में भेजने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाकर केंद्र सरकार व्यवस्था करें
दिखावा छलावा बंद हो,
मजदूरों को भेजने का प्रबंध हो।
काम नहीं काज नहीं,
खाने को अनाज नहीं,
प्रधानमंत्री सरकारों के भाषणों
का कोई जवाब नहीं।
सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास लॉक डाउन में सड़कों पर बैठकर प्रवासी मजदूर कर रहे हैउपवास
कभी भी निकल सकती है हम लोगों की आखरी सास मोदी जी मोदी जी हम मजदूरों पर करो विश्वास।
