
फरीदाबाद : स्मार्ट सिटी की पॉश कॉलोनी कही जाने वाली सैनिक कॉलोनी में बीते दस साल से टूटी सड़कों की मरम्मत की राह देख रहे लोगों ने खुद ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। सैनिक कॉलोनी मेन को सैनिक कॉलोनी एक्सटेंशन से जोड़ने वाली सड़क पर स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए ने अपने खर्च पर मिट्टी भराई और रोड़ी बजरी डाल दी है ताकि वाहन निकल सकें। यह सड़क कॉलोनी से गुरुग्राम जाने वाले मार्ग को जोड़ती है ऐसे में इस सड़क पर रोजाना 10 हजार से अधिक लोग गुजरते हैं। लेकिन खस्ताहाल होने के चलते आस-पास लोग परेशान है। इन टूटी सड़कों के कारण सैनिक कॉलोनी,आईपी कॉलोनी और अचीवर कॉलोनी की आवाजाही लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
आरडब्ल्यूए अधिकारियों ने बताया कि सैनिक कॉलोनी के गेट नंबर 4 से पहाड़ी चौराहे तक सड़क बेहद क्षतिग्रस्त है। रोजाना लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे थे। कई बार निगम अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई न होने पर लोगों ने खुद ही मरम्मत का काम करने का निर्णय ले लिया है। सैनिक कॉलोनी में सड़कों का निर्माण कार्य सितंबर-2019 में शुरू किया गया था, लेकिन करीब पौने चार साल बाद भी सड़को का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते करीब एक लाख लोग प्रतिदिन मुसीबत झेलते हैं। नगर निगम ने सितंबर-2019 में सैनिक कॉलोनी की करीब साढ़े 12 किलोमीटर लंबी सड़को के निर्माण कार्य करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से शुरू करवाया था, लेकिन निर्माता कंपनी को भुगतान नहीं किए जाने पर काम आगे नहीं बढ़ सका।
जबकि इन सड़कों को मात्र तीन महीने में तैयार किए जाने का दावा किया गया था। कॉलोनी के लोग समस्या से जूझ रहे हैं और इस मामले को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठा चुके हैं, लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिली है।
इन सड़कों पर भी चलान दुष्कर
सैनिक कॉलोनी के ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच और पी ब्लॉक की गलियों और सड़कों का निर्माण किया जाना था, लेकिन इनमें से अधिकांश सड़कों को परियोजना में शामिल नहीं किया और सड़कें खोद डाली। ऐसे में खुदी पड़ी सड़कों पर लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं, लोग चोट खा बैठते हैं। अंधेरे में लोग दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं। बारिश का पानी भरने से लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो जाता है। जबकि इस कॉलोनी की सड़कों के निर्माण की घोषणा मुख्यमंत्री ने स्वयं की और सड़कों का निर्माण भी मुख्यमंत्री घोषणा के बजट से शुरू किया गया।
कॉलोनी से गुजरता है गुरुग्राम का यातायात
स्थानीय लोगों का कहना है कि सैनिक कॉलोनी के सामने वाली सीमेंटेड सड़क के उखड़ने, पुलिस द्वारा लोगों को परेशान करने और जाम से बचने के कारण कॉलोनी के प्रवेश द्वार एक से गुरुग्राम जाने वाला हल्का यातायात गुजरता है। जिसके चलते कॉलोनी में पूरे दिन धूल उड़ती है। इससे पुरानी बनी सड़के पूरी तरह खत्म हो चुकी है। नगर निगम ने यहां टूटी सड़कों के स्थान पर कंक्रीट की सड़कें बनाने का काम शुरू किया लेकिन सड़के बनाई नहीं जा सकी है। कॉलोनी के बाहर की सड़क में गडढे के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे कॉलोनी के लोगों को दिक्कत होती है।
लोगों की बातचीत
एडवोकेट दिनेश पांचाल, सैनिक कॉलोनी:::
शहर के आम लोग अब नगर निगम की कार्यशैली से हार चुके हैं। ऐसे में लोगों ने अब खुद से ही काम कराने का निर्णय लिया है। सैनिक कॉलोनी के लोगों के साथ भेदभाव किया गया है। कहीं सड़क बीच में छोड़ दी तो कहीं काम शुरू नहीं किया।
महेश पाल, आरडब्ल्यूए उप प्रधान ::: सड़कों का हालत बहुत खराब है। स्कूटी पर घर से बाहर जाते ही परिवार के लोगों की चिंता सताने लगती है। ऐसे में आरडब्ल्यूए के जरिए लोगों से इस संबंध में बात की गई और अब लोग स्वयं से ही आगे आकर काम करा रहे हैं।
सैनिक कॉलोनी पर एक नजर
-वर्ष: 1991 में बसी
-आबादी: करीब 50 हजार
-मार्केट: 2(करीब 200 दुकानें)
-शिक्षण संस्थान:10(3 बड़े स्कूल)
NEWS SOURCE : livehindustan
