
फरीदाबाद: पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के आदेश के बावजूद स्मार्ट सिटी स्थित अधिकांश स्कूल-कॉलेजों के बाहर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं है। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से मनचलों की सक्रियता बढ़ी रहती है। साथ ही घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे छात्र-छात्राओं के अलावा अन्य लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने 19 अगस्त को पुलिस विभाग के सीनियर फील्ड अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से लोगों के प्रति अधिक संवेदनशील होने, उन्हें धैर्य पूर्वक सुनने और उनकी शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करने करने के लिए स्कूल-कॉलेजों के बाहर पुलिस की मुस्तैदी शत-प्रतिशत होनी चाहिए, जिससे महिलाएं या बेटियां देर से घर आने पर सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने फील्ड इकाइयों को लड़कियों के स्कूल और कॉलेज क्षेत्रों और बाजारों में पुलिस की गश्त तेज करने का आदेश दिया, जिससे ताकि छेड़खानी करने वाले लोगों को इससे कड़ा संदेश दिया जा सके। बावजूद शहर के अधिकांश स्कूल-कॉलेजों के बाद पुलिस की मुस्तैदी नहीं रहती। इससे अधिकांश जगहों पर दोपहर के समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
एक हजार है सरकारी-गैर सरकारी स्कूल
स्मार्ट सिटी में सरकारी और गैर सरकारी करीब एक हजार के आसपास स्कूल हैं। जबकि 10 के आसपास कॉलेज हैं। जानकारी के अनुसार एनआईटी, नेहरू कॉलेज, महिला कॉलेज आदि को छोड़कर बांकनी जगहों पर पुलिस की मुस्तैदी नहीं होती। इससे अक्सर स्कूलों के बाद मारपीट, छेड़छाड़ आदि की शिकायतें पहुंचती है।
छुट्टी के समय लगा रहता जाम
शहर स्थित अधिकांश स्कूल-कॉलेजों के बाहर व आसपास छुट्टी के दौरान जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर स्कूल बस चालकों की मनमानी से सड़क पर अन्य लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्हें काफी देर तक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल-कॉलेज के बाद पुलिस की मुस्तैदी से जाम की स्थिति से आसानी से निपटा जा सकेगा
यहां लगते हैं जाम
जानकारी के अनुसार स्कूलों के खुलने और छुट्टी के दौरान लोगों को सबसे अधिक दिक्कत ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा, एनआईटी-पांच आदि स्थानों पर होती है। एक साथ दर्जनों की संख्या में स्कूलों के बस निकलने से इन चौराहों पर लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में जाम में एंबुलेंस के अलावा जरूरी कार्य से गंतव्य तक जाने वाले फंसे रहते हैं।
वर्जन-
हर महिला थाना में दो-दो दुर्गा शक्ति की गाड़ियां व टीम है। स्कूल-कॉलेजों के बाद उनकी मुस्तैदी अक्सर रहती है, जिससे छात्राओं को कोई परेशानी न हो। पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तत्पर है।
-मोनिका, एसीपी, महिला विरुद्ध अपराघ।
NEWS SOURCE : livehindustan
