
गुरुग्राम। बंधवाड़ी में कूड़े के पहाड़ का निपटान नहीं होने और अरावली में कूड़ा फैलने से संबंधित केस की सुनवाई करते एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त को तलब किया है। मंगलवार को एनजीटी में केस की सुनवाई थी, जिसमें नगर निगम की ओर से सिर्फ अधिवक्ता ही हाजिर हुए। इस पर टिप्पणी करते हुए एनजीटी ने दोनों नगर निगमों के आयुक्त को बुधवार को एनजीटी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एनजीटी की ओर से कहा गया कि बंधवाड़ी में कूड़े की स्थिति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। पहले जैसी ही स्थिति है। अथारिटी द्वारा लगातार सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
एनजीटी ने फटकार लगाते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल को एनवायरमेंट प्रोटेक्शन (ईपी) एक्ट 1986 की धारा 15 के तहत अपराध करने के लिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा चलाने का निर्देश देना चाहिए। बता दें कि गुरुग्राम निवासी विवेक कंबोज और वैशाली राणा तथा अन्य की ओर से बंधवाड़ी में कूड़े का निपटान नहीं होने के संबंध में एक याचिका दायर की गई थी।
इसी केस में एनजीटी ने प्रदेश सरकार पर सितंबर 2022 में 100 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया था। जिसके बाद गुरुग्राम नगर निगम ने 100 करोड़ रुपये जुर्माना राशि एस्क्रो अकाउंट में जमा कराई थी। नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त (स्वच्छ भारत मिशन) डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि एनजीटी ने वर्ष 2018 से अब तक बंधवाड़ी कूड़ निपटान के संबंध में किए गए कार्यों की रिपोर्ट मांगी है, जो एनजीटी में प्रस्तुत की जाएगी।
अभी भी बंधवाड़ी में पड़ा है 21 लाख टन कूड़ा
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर अभी भी 21 लाख टन कूड़ा पड़ा हुआ है। जिसका बायोरेमेडिएशन तकनीक से निपटान किया जाना है। लेकिन हर महीने 48 से 50 हजार टन नया कूड़ा भी बंधवाड़ी में पहुंच रहा है, जोकि निगम के लिए बड़ी समस्या है। ईको ग्रीन कंपनी से समझौता कर 14 अगस्त 2017 काे गुरुग्राम और फरीदाबाद में कूड़ा प्रबंधन का काम सौंपा गया था। पिछले छह सालों में बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़ बनता रहा ।13 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्लांट का शिलान्यास कर चुके हैं, लेकिन प्लांट निर्माण अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद से पहुंच रहा 1600 टन से ज्यादा कूड़ा
फरीदाबाद से 600 से 700 टन और गुरुग्राम से प्रतिदिन 900 टन से ज्यादा कूड़ा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पहुंच रहा है। लेकिन इस कूड़े के निपटान के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट नहीं लगने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है। 250 से 300 करोड़ रुपये का खर्च सिर्फ कूड़ा उठान के नाम हो चुके हैं। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर बायोरेमेडिएशन तकनीक तथा ट्रोमल मशीनों की सहायता से कूड़ा निपटान कार्य किया जा रहा है। एनजीटी द्वारा बंधवाड़ी में कूड़ा डालने पर रोक लगाने के बावजूद फरीदाबाद का कूड़ा गुरुग्राम के बंधाड़ी में पहुंच रहा है। फरीदाबाद नगर निगम ने पाली क्षेत्र में जमीन चिह्नित करने दावा किया था, लेकिन कोई काम नहीं किया।
NEWS SOURCE : jagran
