
फरीदाबाद की एक 13 वर्षीय किशोरी के साथ गोमती ट्रेन में यूपी के लखनऊ के आसपास किसी ने दुष्कर्म कर दिया। एनआईटी तीन स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बाथरूम में जब पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया तब इसकी जानकारी उसके परिजनों को मिली। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में दी। कोतवाली थाना की पुलिस ने डेढ़ साल बाद मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की है।
किशोरी मूलरूप से अमेठी की रहने वाली है। वह फरीदाबाद में अपने माता-पिता के साथ किराए के मकान में रहती है। साथ ही एक निजी स्कूल में नौंवी कक्षा में पढ़ती है। शिकायत में पीड़िता ने पुलिस को बताया है वर्ष 2022 में वह अपनी मां के साथ अमेठी से फरीदाबाद लौट रही थी। वह गोमती ट्रेन से सफर कर रही थी और सामान्य डिब्बे में बैठी थी। ट्रेन में काफी भीड़ होने पर उसकी मां ने उसे सबसे ऊपर वाली सीट पर बैठा दिया। जहां पर एक युवक पहले से लेटा हुआ था। जब रात काफी हो गई तो युवक ने लखनऊ स्टेशन से ट्रेन गुजरने के बाद अंधेरे में उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
किशोरी को कुछ दिनों बाद पेट में दर्द हुआ तो उसने सोचा कि उसे गैस हो गई हौ और इस पर उसने ईनो पी ली। पेट में दर्द होने पर वह वही पी लेती थी। 10 जून 2023 को उसके पेट में काफी भारीपन लगने लगा और तेज दर्द हुआ। उस दौरान उसके माता-पिता गांव गए हुए थे। बड़े भाई और चाचा ने उसे ईएसआई अस्पताल तीन नंबर इलाज के लिए ले गए। वहां बाथरूम में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
जीरो एफआईआर दर्ज
बच्चे के जन्म देने की सूचना पर पुलिस आ गई। किशोरी का बाल कल्याण समिति के समक्ष बयान दर्ज किया गया फिर कोतवाली थाना की पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्जकर लखनऊ जीआरपी थाना को भेज दिया। वहां से भी जांच पड़ताल के बाद कोतवाली थाना को वापस एफआईआर भेज दिया गया।
बच्चे को बाल संरक्षण गृह भेजा
बच्चे को बाल संरक्षण गृह में चंडीगढ़ (पंचकूला) में रखा गया है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने के लिए उन्हें लखनऊ और फरीदाबाद के कई चक्कर लगाने पड़े। लखनऊ में भी पुलिस ने बयान दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी हिमांशु ने कहा, ‘पीड़िता की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है। मामले में आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।’
NEWS SOURCE : livehindustan
