
फरीदाबाद: इनेलो के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड में रोहतक और बहादुरगढ़ एसटीएफ ने ओल्ड फरीदाबाद के खत्रीवाड़ा में छापेमारी कर यहां से एक युवक विष्णु को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। गहन पूछताछ के बाद पुलिस ने विष्णु को छोड़ दिया है। विष्णु तक पुलिस इसलिए पहुंची, क्योंकि जिस आई-20 कार का इस्तेमाल हत्याकांड में हुआ था, वो विष्णु के भाई नीरज के नाम पर है। वैसे कार पर स्कूटी का नंबर लगा हुआ था, पर छानबीन के बाद यह फरीदाबाद के पते पर रजिस्टर्ड निकली
112 नंबर पर किया कॉल
पुलिस की टीमें आधी रात को विष्णु के घर पहुंची और दरवाजा खटखटा उसे बाहर आने को कहा। इस पर पहली मंजिल से ऊपर से देख कर विष्णु ने नीचे आने से मना कर दिया और 112 नंबर पर ईआरवी को सूचित किया। ईआरवी पहुंची तो रोहतक एसटीएफ ने उन्हें सारी जानकारी दी, साथ में ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस भी थी। ईआरवी के पहुंचने पर विष्णु को लगा कि यह वास्तव में ही पुलिस वाले हैं, तब वो बाहर आया। इसके बाद पुलिस टीम उसे अपने साथ ले गई।
नीरज से नहीं है कोई वास्ता
पुलिस ने विष्णु से उसके भाई के नीरज के बारे में पूछा तो जवाब मिला कि परिवार ने नीरज को पहले से ही बेदखल कर रखा है। इसलिए उनका कोई वास्ता नहीं है और न ही उनको पता है कि वो कहां है। इसके बाद पुलिस ने उक्त कार के बारे में सारी जानकारी जुटाई। विष्णु ने बताया कि कार की कई किस्तें बकाया थीं, पर नीरज उसे भर नहीं रहा था।
कार बेचने की जोड़ी कड़ी से कड़ी
इस पर उसने यह कार बेच दी और जो रकम मिली थी, उसे खर्च कर दी। पता चला कि यह कार 2021 में किसी तरुण नागर को बेची गई थी। तरुण नागर ने आगे यह कार गाजियाबाद के इमरान को बेची थी। कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए पुलिस टीम आधी रात को ही इमरान के घर पहुंची, वहां से पता चला कि उसने यह कार ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-75 में काम करने वाले मोनू नामक शख्स को बेची थी। इसके बाद पुलिस वापस फरीदाबाद आई, पर पता चला कि मोनू फरार है।
विष्णु से कई टीमों ने की पूछताछ
दैनिक जागरण से बातचीत में विष्णु ने बताया कि उसे सुबह साढ़े छह बजे छोड़ा गया और उसे लिखवा कर कि उसे किसी तरह से प्रताड़ित नहीं किया गया है, उसके बाद छोड़ दिया गया। बाद में दिल्ली क्राइम ब्रांच और जिले की विभिन्न क्राइम ब्रांचों ने भी विष्णु से पूछताछ की। पुलिस अब मोनू की तलाश कर रही है। मोनू गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। पुलिस की टीमें गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया के गांव फरीदपुर भी पहुंची, हालांकि हत्याकांड से गैंगस्टर का कोई कनेक्शन नहीं निकला है।
NEWS SOURCE : jagran
