
मुंबई: महाराष्ट्र के पालघर जिले की एक 17 वर्षीय लड़की ने कथित तौर पर दूसरे धर्म के 23 वर्षीय व्यक्ति से दोस्ती की और उसके साथ यौन संबंध बनाए. किशोरी की जिंदगी तब दुखद मोड़ लेने लगी जब उसके माता-पिता को उसके गर्भवती होने के बारे में पता चला. उसे फिर से गर्भवती किया गया और उसके नवजात बच्चों को बेच दिया गया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, लड़की ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसे दो अलग-अलग पुरुषों ने दो बार गर्भवती किया और उसके माता-पिता ने एक स्कूल प्रिंसिपल, दो महिला डॉक्टरों, एक सामाजिक कार्यकर्ता, एक वकील और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके एक नवजात बच्चे को बेचने की साजिश रची. किशोरी के माता-पिता समेत कम से कम 16 लोगों पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत बलात्कार और बच्चे को बेचने का मामला दर्ज किया गया है.
रिपोर्ट में किशोरी के हवाले से पुलिस को बताया गया है कि 2021 में 23 वर्षीय व्यक्ति के साथ उसके यौन संबंध के बाद उसके माता-पिता को उसकी गर्भावस्था का पता चला. उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल और सामाजिक कार्यकर्ता से सहायता मांगी. लड़की जो उस वक्त कक्षा 7 की पढ़ाई छोड़ चुकी थी उसे नियमित जांच और प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया. टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गर्भावस्था के दौरान उसके माता-पिता उसे मुंबई में एक स्थान पर ले गए, जहां एक वकील ने उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए.
24 सितंबर 2021 को उसने एक लड़की को जन्म दिया, जिसे अगले दिन सामाजिक कार्यकर्ता को सौंप दिया गया. इस दौरान पीड़िता को प्रसव के बारे में बात न करने की चेतावनी दी गई थी. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रसव के छह महीने बाद वह बच्चे के पिता (यानी अपने प्रेमी) से संपर्क करने में सफल रही, जिसने (प्रेमी ने) दावा किया कि उसने सामाजिक कार्यकर्ता को 4 लाख रुपये का भुगतान किया है. उसने उससे शादी करने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन मध्यस्थों ने उसे दूर रहने की चेतावनी दी थी l
NEWS SOURCE : news18
