राष्ट्रीय महिला जागृति मंच एवं रोटरी क्लब वसुधा के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओ के मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक वेबिनार ( Online Seminar ) का आयोजन किया गया| राष्ट्रीय महिला जागृति मंच की राजस्थान ह्यूमन राइट्स सैल अध्यक्ष सुरभि धिंग ने बताया की किस प्रकार महिलाएं अपने स्वाथ्य एवं मानसिक परेशानियों पर कम ध्यान देती है और आज के इस दौर में इन सभी बातो पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है| वेबिनार में 40 से ज्यादा महिलाओ ने हिस्सा लिया और अपनी समस्यायें डॉ आर के शर्मा जी से साँझा की| वेबिनार में राष्ट्रीय महिला जागृति मंच की राष्ट्रीय चेयरपर्सन अम्बिका शर्मा, एवं जिला अध्यक्ष एडवोकेट नीता जैन, रोटरी क्लब वसुधा संरक्षिका मधु सरीन जी ने अपने विचार साँझा किये|
वेबिनार का संचालन वेबेनिक्स के वेद शुक्ला जी ने किया और स्ट्रेस को मैनेज करने की जानकारी भी दी| डॉक्टर शर्मा ने बताया कि महिलाओं में डिप्रेशन की संभावना पुरुषों के मुकाबले दुगुना होती है। खास तौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान व उसके तुरंत बाद डिप्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। लगभग चार में से एक महिला को इस दौरान डिप्रेशन होता है और महिलाओं में इस समय मौत का एक मुख्य कारण होता है पर हम इन बातों को अक्सर दरकिनार करते हैं। डॉक्टर शर्मा ने बताया कि १५ से २९ साल के लोगों में आत्महत्या / ऐक्सिडेंट के बाद मौत का सबसे बड़ा कारण है। और ये सभी मुख्यत: मानसिक बीमारियों के कारण होता है जिसे समय पर उपचार से बचाया जा सकता है। पुरुषों को भी महिलाओं का साथ देना चाहिए क्योंकि ये पूरे परिवार को प्रभावित करती है और बच्चे मुख्य तौर पर प्रभावित होते है।
लोगों को अपने बनाए हुए जाल से निकलकर मानसिक समस्याओं को खुलकर उजागर करना चाहिए और समय पर इसका मनोचिकित्सक से इलाज भी कराना चाहिए। इससे हम समाज को एक नया रूप सकते हैं।
