
स्मिता पाटिल ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दी हैं। 17 अक्तूबर 1955 में जन्मी एक्ट्रेस ने पर्दे पर अलग-अलग किरदार निभाए हैं। उन्होंने अपने पूरे करियर में 80 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। दिग्गज अभिनेत्री ने अपने करियर की शुरुआत साल 1975 में श्याम बेनेगल की फिल्म ‘चरणदास चोर’ से की थी। उन्होंने पैरेलल और मेनस्ट्रीम सिनेमा दोनों में ही काम किया। स्मिता पाटिल अपने दौर की साहसिक अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं, जिन्होंने मसाला फिल्मों में औरतों की सिनेमाई छवि के लिए अपनी आवाज बुलंद की। खासकर, तवायफों के किरदारों के प्रति स्मिता की सहानुभूति उनके व्यक्तित्व की खूबी रही। स्मिता सिनेमा में इन किरदारों को गढ़ने और पेश करने के तरीकों की कड़ी आलोचक रहीं। उन्होंने इन किरदारों की तड़क-भड़क के पीछे दर्द की एक गाढ़ी लकीर देखी। आज थ्रो बैक थर्सडे में हम आपको स्मिता पाटिल से जुड़े इस किस्से के बारे में बताने जा रहे हैं।

