
मेहनत करने वाले हमेशा अपना लक्ष्य जरूर हासिल कर लेते हैं। सफलता पाने के लिए दृढ़ निश्चय और मेहनत करनी पड़ती है। आज हम आपको ऐसी ही आईएएस अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ लेकिन हार नहीं मानी। बचपन में पिता का साया उठने के बाद गरीबी में बचपन बीता। स्कूल के कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर आएगा एसडीएम की को देख दिव्या ने भी एसडीएम बनने की ठान ली। आइए जानते हैं आईएएस दिव्या तंवर के बारे में
दो बार क्रैक किया UPSC
दिव्या तंवर ने साल 2021 में पहली बार यूपीएससी एग्जाम दिया था। अपने पहले ही प्रयास में दिव्या ने यूपीएससी क्रैक किया था। उस समय दिव्या महज 21 साल की थी।
यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद दिव्या तंवर आईपीएस अफसर बन गई। लेकिन उन्हें तो आईएएस बनना था। इसलिए अगले साल फिर से यूपीएससी की परक्षा दी और दोबारा एग्जाम क्रैक कर 105वीं रैंक हासिल की। उन्होंने दो बार यूपीएससी क्रैक किया वो भी बिना किसी कोचिंग के।
यहां से मिली प्रेरणा
दिव्या बताती है कि स्कूल के दिनों में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एसडीएम बुलाया गया था। तब उनकी स्पीच सुनकर मेरे मन में कुछ बड़ा करने इच्छा हुई। जब दिव्या ने कॉलेज में दाखिला लिया तो उन्हें यूपीएससी के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने सिलेबस आदी चीजें देखी।
इंटरनेट की मदद से की तैयारी
दिव्या बताती हैं उन्होंने दिमाग में नकारात्मक विचार नहीं आने दिए। उनकी तैयारी में उनकी मां से लेकर भाई बहन तक सबने खूब स्पोर्ट किया। वह बताती हैं कि उन्होंने इंटरनेट की मदद से एग्जाम की तैयारी की। उन्होंने टॉपर्स के इंटरव्यू देखें। परीक्षा की तैयारी करने के लिए एनसीईआरटी की किताबों की मदद ली। उनका मानना है कि मेहनत कभी बर्बाद नहीं जाती आज नहीं तो कल उस मेहनत का फल आपको जरूर मिलता है।
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