अखंड भारत गुर्जर महासभा के तत्वाधान में सामाजिक कुरीतियों पर वेबीनार में समाज के प्रबुद्ध जनों ने मुहिम को जन आंदोलन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया और कहा कि समाज उत्थान के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर यथोचित योगदान करें। समाज की फांस बन चुकी कुरीतियों को खत्म किया जाए । वेबीनार में मृत्यु भोज, अशिक्षा , बाल विवाह, दहेज आदि पर चर्चा हुई।
इस महत्वपूर्ण वेबीनार में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधान सभा के मुख्य सचेतक कालू लाल गुर्जर ने कहा कि आज समाज को शैक्षिक स्तर बढ़ाने की जरूरत है, तभी कुरीतियों का खात्मा हो सकता है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि शहरों की अपेक्षा देहाती क्षेत्र में इस मुहिम पर काम करने की प्रबल आवश्यकता है। बाल विवाह हो अथवा मृत्यु भोज, दहेज सभी समाज के लिए कलंक है। वेबीनार में अपने विचार व्यक्त करते हुए विशिष्ट अतिथि खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि परंपराओं के निर्वहन के नाम पर भयानक कुरीतियों को संरक्षण देना महा पाप है। समाज में अशिक्षा की बढ़ती खाई, इसके लिए जिम्मेवार है। इस मुहिम को निरंतरता देने की जरूरत है।
कार्यक्रम में अखंड भारत गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मोहनलाल वर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष देवनारायण गुर्जर, वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक डॉ. राकेश कुमार आर्य, शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान के संस्थापक तस्वीर सिंह चपराना, बॉलीवुड सेलिब्रिटी लोकेश तिलकधारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरभि भाटी, सुमन ( ऑस्कर अवार्ड विजेता ), अब्बास चौधरी गुर्जर ( जम्मू कश्मीर ), सज्जाद गुर्जर , महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राकेश छोकर आदि ने महत्वपूर्ण चिंतन मंथन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. संजीव कुमारी गुर्जर ने किया।
