Faridabad : एक 15 वर्षीय बालक की सूरजकुंड क्षेत्र की एक झील में डूबने से मृत्यु हो गई। वह अपने भाईयों और साथियों सहित नहाने के लिए गया था।
सूरजकुंड क्षेत्र में कभी पत्थर और बजरी का जबरदस्त उत्खनन हुआ।
इससे इस इलाके में दर्जनों गहरी खाईयां बन गईं।
प्रकृति ने कुछ खाईयों को गहरी झीलों में तब्दील कर दिया है।
इन झीलों का स्वच्छ और निर्मल जल बच्चों को आकर्षित करता है।
किंतु ये झीलें बहुत खतनारक हैं, क्योंकि इनकी गहराई सैकड़ों फुट है।
अब तक यहां की झीलों में डूबकर दर्जनों मौतें हो चुकी हैं।
इन झीलों में डूबने से निकटवर्ती ग्रामीण ही, बल्कि दिल्ली और एनसीआर के कई छात्रों की भी मृत्यु हो चुकी है।
शुक्रवार को भी अनंगरपुर गांव निवासी एक बच्चा ऐसी ही झील का शिकार हो गया।
15 वर्षीय हर्ष नाम का यह बच्चा अपने भाई, ममेरे भाई, फुफेरे भाई और कुछ साथियों संग घूमत-घूमते इस क्षेत्र की छरोट झील पर पहुंच गया।
बच्चे झील में नहाने लगा।
हर्ष उतना खुशनसीब नहीं था और झील की गहराईयों ने उसे मौत की नींद सुला दिया।
बच्चों ने शोर मचाया।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
एएसआई नरेंद्र सिंह ने पायनियर के बताया कि उन्होंने गांव से कांटा मंगवाया और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया।
नरेंद्र सिंह ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की काउंसिलिंग करें और उन्हें झील के खतरों से अवगत करवाएं। ताकि फिर ऐसी कोई दुर्घटना न हो।
16 वर्षीय बालक ने लगाई फांसी
सेक्टर 56 स्थित आशियाना फ्लेट्स में एक 16 वर्षीय बालक ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
बच्चे ने फांसी क्यों लगाई, यह अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
