
Hair Color Health Risks: अगर आप भी अपने बालों को कलर से रंगते है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल में हुए कई अध्ययनों में पाया गया है कि अलग-अलग बालों के रंग वाले लोगों में कुछ विशेष स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा अधिक हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बालों का रंग किसी बीमारी का सीधा कारण नहीं है, लेकिन यह जोखिम से जुड़े संकेत जरूर दे सकता है।
लाल बाल वालों को त्वचा कैंसर का ज्यादा खतरा
लाल या तांबे रंग के बाल वाले लोगों में अक्सर एक विशेष जीन पाया जाता है, जिसे MC1R कहा जाता है। यह जीन शरीर में हल्के रंग के पिगमेंट के निर्माण को बढ़ाता है। कई शोधों में सामने आया है कि ऐसे लोगों में मेलेनोमा नामक खतरनाक त्वचा कैंसर का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं कि केवल लाल बाल वाले लोग ही इस बीमारी का शिकार होते हैं। तेज धूप, त्वचा पर अधिक तिल और पारिवारिक इतिहास जैसे कई अन्य कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिले हैं कि लाल बाल वाले लोगों में दर्द सहन करने की क्षमता अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, हालांकि इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है।
काले बाल और एलोपेशिया का संबंध
एलोपेशिया एरिएटा एक ऐसी ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की Immune System गलती से बालों की जड़ों पर हमला करने लगती है। इसके कारण सिर या दाढ़ी में गोल आकार के पैच बन जाते हैं और बाल झड़ने लगते हैं। ब्रिटेन में लाखों लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड पर आधारित एक अध्ययन में पाया गया कि काले बाल वाले लोगों में इस बीमारी का खतरा भूरे बालों वाले लोगों की तुलना में अधिक देखा गया। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि सामान्य रूप से गहरे रंग के बालों वाले लोगों में यह जोखिम कुछ ज्यादा हो सकता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि बालों का रंग अकेला कारण नहीं है और Genetic और Environmental Factors भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समय से पहले सफेद बाल क्यों होते हैं?
उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा तब होता है जब बालों की जड़ों में मौजूद वे कोशिकाएं कम होने लगती हैं जो बालों को रंग प्रदान करती हैं। धीरे-धीरे बाल पहले भूरे और फिर पूरी तरह सफेद हो जाते हैं। लेकिन कई बार तनाव, खराब जीवनशैली, आनुवंशिक कारण या कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से यह प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार तनाव शरीर में ऐसे रसायनों का स्तर बढ़ा सकता है जो बालों को रंग देने वाली कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी बनाकर बालों के समय से पहले सफेद होने की संभावना को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
क्या बालों का रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है….
डॉक्टरों का मानना है कि बालों का रंग किसी व्यक्ति की सेहत का अंतिम पैमाना नहीं हो सकता। यह केवल कुछ संभावित जोखिमों की ओर इशारा करता है। किसी भी बीमारी का सही आकलन जीवनशैली, आनुवंशिक इतिहास, पर्यावरण और नियमित स्वास्थ्य जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए। फिर भी, बालों के रंग और स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर हो रहे शोध वैज्ञानिकों को मानव शरीर को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर रहे हैं।
NEWS SOURCE Credit :punjabkesari
