
इन दिनों लोगों में पेट्स पालने का शौक बढ़ता जा रहा है, अब घरों में सिर्फ कुत्ते ही नहीं बिल्लियां भी पाली जा रही हैं। इस शौक के चलते नई चुनौतियां भी सामने आने लगी हैं, क्योंकि आय दिन पेट्स के राह चलते लोगों पर अटैक के मामले जो बढ़ रहे हैं। ऐसे में अब सवाल यह है कि कुत्ते और बिल्ली में से किसके काटने से ज्यादा खतरा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कुत्ता या बिल्ली किसका काटना ज्यादा जोखिमों से भरा है।
कुत्ते के काटने के खतरे
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अभी कुत्तों के काटने से रैबीज के मामले बढ़ते जा रहे हैं, खासकर कि आवारा कुत्तों के अटैक से रैबीज का खतरा ज्यादा रहता है। दरअसल, जिन कुत्तों का टीकाकरण नहीं हुआ, उनकी लार से रैबीज वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है।
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कुत्तों के काटने से घाव गहरा और बड़ा हो सकता है, अगर मांस या टिश्यू को नुकसान हो जाए तो खून बहने का खतरा ज्यादा रहता है।
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बच्चे और बुजुर्ग रैबीज के मामले में रडार पर रहते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि इस वर्ग की इम्युनिटी सबसे कमजोर होती है।
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कई मामलों में अगर घाव में बैक्टीरिया चला जाए तो वह सूजन और दर्द के साथ बुखार का भी कारण बन सकता है।
बिल्ली के काटने के खतरे
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बिल्ली के नुकीले दांतों की वजह से इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। अगर बिल्ली काट ले तो डांट अंदर तक जाकर बैक्टीरिया छोड़ जाते हैं।
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बिल्ली के मुंह में पास्चुरेला नामक बैक्टीरिया होता है, जो काटने पर सूजन, दर्द और लालिमा का कारण बन सकता है।
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काटने पर घाव भले ही छोटा दिखे लेकिन अंदर इन्फेक्शन तेजी से फैल सकता है।
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इतना ही नहीं, अगर इन्फेक्शन गंभीर हो जाए तो अस्पताल में भर्ती होने तक की नौबत आ सकती है।
दोनों में से कोई भी काटे तो क्या करना चाहिए?
घाव लगने के बाद उसे साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी से धोना है। इसके तुरंत बाद एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल करें, ध्यान रहे कि देसी इलाज जैसे हल्दी, तेल या मिट्टी को लगाने से बचें। फिर इसके बाद डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें। वहीं, अगर किसी पालतू जानवर ने काटा है, तब भी चेक कराएं और डॉक्टर से सही सलाह लें।
NEWS SOURCE Credit : jagran
