नई दिल्ली – Chaman Bahar Review: डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे शहरों की कहानी को भी तरजीह दे रहा है। नेटफ्लिक्स पर आज रिलीज फिल्म ‘चमन बहार’ की कहानी छत्तीसगढ़ के छोटे से कस्बे लोरमी में गढ़ी गई है। अपनी पहचान बनाने को आतुर चपरासी का बेटा बिल्लू (जितेंद्र कुमार) पान की दुकान चमन बहार नाम से खोलता है। शहर के बाहरी इलाके में होने के कारण वहां भीड़भाड़ नहीं होती। उसकी जिंदगी में उस समय बहार आ जाती है जब दुकान के सामने स्थित मकान में जूनियर इंजीनियर अपने परिवार साथ रहने आते हैं। उनकी बेटी रिंकू ननोरिया (रितिका बदियानी) इलाके के लड़कों का आकर्षण का केंद्र बन जाती है। उसकी झलक पाने के लिए इलाके के लड़कों से लेकर युवा राजनेता और वन विभाग के अधिकारी का लड़का तक पान की दुकान पर आने लगते हैं। बिल्लू मन ही मन रिंकू से प्यार करने लगता है। एक दिन हिम्मत करके आई लव यू का कार्ड उसकी बालकनी में फेंकने का प्रयास करता है जो उसके पिता के हाथ लग जाता है।
फिल्ममेकर प्रकाश झा को असिस्ट कर चुके अपूर्वधर बडगैयां की बतौर लेखक और निर्देशक यह पहली फिल्म है। उन्होंने शहरी लड़की के प्रति कस्बों में रहने वाले लड़कों के आकर्षण को दिखाया है। वर्ष 2016 में सोनम गुप्ता बेवफा है प्रकरण सुर्खियों में आया था। किसी सिरफिरे आशिक ने नोट पर लिखा था कि सोनम गुप्ता बेवफा है। उस प्रकरण का इस्तेमाल लेखक ने कहानी में बखूबी किया है। उन्होंने उसे चटपटा न बनाकर लड़के की मनोदशा और एकतरफा प्रेमकहानी को बयां किया है। हालांकि इन हालातों में लड़की और परिवार की मनोदशा का चित्रण भी बेहतर तरीके से हो सकता था।
कलाकारों की बात करें तो हाल में फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ और ‘पंचायत’ वेब सीरीज में नजर आए जितेंद्र कुमार ने साधारण लड़के को परदे पर सच्चाई और सही इमोशन के साथ व्यक्त किया है। सहयोगी कलाकारों की बात करें तो आग में घी डालने का काम डालने वाले सोमू (भुवन अरोड़ा) और छोटू (धीरेंद्र तिवारी) की जोड़ी की केमिस्ट्री बढिय़ा है। फिल्म का गीत संगीत साधारण है।
प्रमुख कलाकार- जितेंद्र कुमार, भुवन अरोड़ा, रितिका बदियानी, आलम खान, धीरेंद्र तिवारी
निर्देशक- अपूर्वधर बडगैयां
अवधि- एक घंटा 51 मिनट
स्टार- **1/2 (ढाई)
