नई दिल्ली : 24-25 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (Delhi Police Crime Branch) लगातार चार्जशीट दाखिल कर रही है। इस बीच दंगों में आरोपित आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Mohammad Tahir Hussain Khan or Tahir Hussain) के लिए शुक्रवार को बुरी तरह खबर आई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा मामले में आरोपित AAP के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ उसके ही दो कर्मचारियों ने गवाह बनना स्वीकार कर लिया है। ऐसे में आने वाले समय में अदालती कार्रवाई के दौरान ताहिर हुसैन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
यह भी सामने आ रहा है कि इन दोनों कर्मचारियों ने 24 फरवरी को दंगा शुरू होने से पहले हुसैन को कई लोगों से ‘बेहद गोपनीय’ तरीके से बात करते हुए देखा था। दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट में मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन ¨सह राजावत के सामने पेश आरोप पत्र में यह बात कही है। हुसैन के कर्मचारी गिरीश पाल और राहुल कसाना ने पुलिस को दिए अपने बयानों में कहा है कि 24 फरवरी को वे खजूरी खास स्थित हुसैन के कार्यालय में मौजूद थे।
आरोप पत्र में कहा गया है कि इस दौरान दोपहर में उन्होंने हुसैन के घर के भूतल पर कई लोगों को एकत्रित होते देखा था। वे सभी लोग बेहद गोपनीय तरीके से हुसैन से बात कर रहे थे। साथ ही आरोपित शाह आलम, अरशद प्रधान, राशिद, इरशाद आबिद और शादाब अज्ञात लोगों के साथ वहां मौजूद थे। इस दौरान दोनों कर्मचारी बाहर भीड़ की आवाज सुनकर और कार्यालय में तनाव को भांपते हुए वहां से चले गए थे। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पिछले महीने हुसैन और 14 अन्य आरोपितों के खिलाफ राजावत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत अगस्त में आरोप पत्र पर सुनवाई करेगी।
