नई दिल्ली : कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हर देश में इसकी दवा बनाने पर काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में भारत भी कोरोना की वैक्सीन बना रहा है। एम्स के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख (Head of Community Medicine Dept) डॉक्टर संजय राय ने कहा कि वैक्सीन लांन्चिंग उसके ट्रायल पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हम कम से कम 6 महीने के लिए टीके की प्रभावशीलता की जांच करेंगे। इसके साथ ही लॉन्चिग की तारी खके बारे में बताया कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में कोरोना की वैक्सीन मार्केट में आ सकती है।
कोरोन का संक्रमण देश में तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 11 लाख 18 हजार के पार पहुंच गई है वहीं मरनेवालों की संख्या 27 हजार के पार पहुंच गई है। भारत पूरी दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा संक्रमित देश है। यहां पर संक्रमितों की संख्या प्रत्येक दिन बढ़ रही है। देश में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा संक्रमित राज्य है। यहां पर संक्रमितों की संख्या तीन लाख पार गई है। इसके बात तमिलनाडु और देश की राजधानी दिल्ली सबसे ज्यादा संक्रमित है।
राजधानी में कोरोना से रिकवरी की दर 83.99 फीसद पहुंच गई है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना से रिकवरी की दर 62.86 फीसद है। राजधानी में बड़े स्तर पर कोरोना की रैपिड जांच की जा रही है। राजधानी में प्लाज्मा थेरेपी लागू करने, ज्यादा जांच करने व होम आइसोलेशन के कारण यह कमी आई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना कमजोर हुआ है जिससे लोगों में हल्के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाना शेष है।
