पृथला : जिले के 26 गांवों को नगर निगम में शामिल किए जाने का विरोध और मुखर हो रहा है। बृहस्पतिवार को विभिन्न गांवों के सरपंचों ने पृथला के विधायक एवं हरियाणा भंडारण निगम के अध्यक्ष नयनपाल रावत को उनके सेक्टर-15ए स्थित निवास पर ज्ञापन सौंपा।
सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सरपंच एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महीपाल आर्य कर रहे थे। विधायक से मिलने वाले सरपंचों में नंगला जोगियान के गुलशन कीना, नवादा के बेगराज नागर, खंदावली के निसार अहमद, जाजरू के प्रेम सिंह बोहरा, पंचायत समिति के सदस्य राजकुमार गोगा, जिला परिषद की महिला सदस्य पुष्पा डागर के पति मोहन डागर, चंदावली की पूर्व सरपंच रचना शर्मा, बाबूराम, नारायण सिंह, वेदप्रकाश, सिब्बी, तेजपाल, राजबीर सिंह, सतपाल सिंह ने एक स्वर में कहा कि यह प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है।
विधायक ने सरपंचों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बताएंगे, क्योंकि नगर निगम में करीब 40 गांव पहले से ही शामिल हैं। इन गांवों का विकास अभी तक अधर में लटका हुआ है। ऐसी ही हालत पृथला के चार गांव आल्हापुर, अगवानपुर, नया गांव (फजलपुर), फिरोजपुर की है। इन चारों गांवों को पलवल नगर परिषद में शामिल किया गया। ये चारों गांव अन्य विधानसभा क्षेत्र के अन्य गांव से विकास की दौड़ में काफी पिछड़ गए हैं।
