नई दिल्ली : प्याज की बढ़ती कीमतों के चलते दिल्ली-एनसीआर के लोगों की हालत खराब है। आलम यह है कि लोग प्याज खरीदने से परहेज कर रहे हैं। वहीं, किचन की अहम जरूरतों में शुमार प्याज लोगों के बजट तक को प्रभावित कर रहा है। वहीं, प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात (Export) पर रोक लगा दी है, ऐसे में सरकार के इस कदम से प्याज की दिल्ली-एनसीआर मार्केट में उपलब्धता बढ़ेगी जिससे कीमतें भी कम होंगी। इस बाबत दक्षिण दिल्ली स्थित ओखला सब्जी मंडी (Onion sellers at Okhla Sabzi Mandi) के प्याज विक्रेता का कहना है कि प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र सरकार के फैसले से आने वाले दिनों में इसकी कीमतें प्रभावित होंगी। प्याज विक्रेता मोहम्मद ज़कारिया का कहना है कि यह आने वाले दिनों में प्याज की कीमत में बदलाव लाएगा। एक या दो दिनों में दरें कम से कम 2-3 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर जाएंगी। बता दें कि प्याज के दाम 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं, जबकि टमाटर भी प्रति किलोग्राम 80 रुपये बिक रहा है।

पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर सब्जी मंडी (Ghazipur Sabzi Mandi) के सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बिहार समेत कई राज्यों में बाढ़ के कारण सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर में सब्जी के दामों में इजाफा हुआ है, खासकर प्याज और टमाटर के दामों में।
वहीं, लोगों का कहना है कि हालात यह रहे तो प्याज के दाम 50 रुपये किलो से अधिक भी हो सकते हैं। वहीं, टमाटर के दाम 75-80 रुपये के बीच पहुंच चुके हैं। वहीं, फूल गोभी इस समय 100 रुपये किलो के दाम पर बिक रही है, लेकिन यह सीजनल सब्जी नहीं है, ऐसे में इसके खरीदार चुनिंदा ही हैं। फिलहाल आलू 30-35 रुपये किलो के भाव पर मिल रहा है, जबकि लौकी 30-40 रुपये किलो के बीच बिक रही है।
