फरीदाबाद : कोरोना महामारी के समय सब से ज्यादा काम हमारे डाक्टर हमारे सफाईकर्मियों ने किया है जो की काबिले तारीफ है साथ ही हमारी आशा वर्करों ने भी इस महामारी में सब से ज्यादा काम किया , आशा वर्करों ने अपनी फिक्र ना करते हुए अपने आसपास के एरिया में लगातार काम किया साथ ही घर घर जाकर आंकड़े इकट्ठा किए और बीमार लोगों की मदद की इसलिए आज बदलाव हमारी कोशिश चेरिटेबल ट्रस्ट ने हरि विहार डिस्पेंसरी में सभी आशा वर्करों के साथ एक सेमिनार का आयोजन किया।
ट्रस्ट की संस्थापक सुषमा यादव ने सभी आशा वर्करों को समझाया कि आप स्वस्थ रहेगी तभी आप दूसरों के स्वास्थ्य का ध्यान रख पाओगी ।

सुषमा यादव ने बताया कि एक आशा वर्कर अपने एरिया की सभी समस्याओं को जानती है और उन समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करती है लेकिन एक आशा वर्कर जब स्वस्थ नहीं रहेगी तो वो किसी और की भी मदद नहीं कर पाऐगी ।वुमंस हाइजीन को लेकर एक आशा वर्कर का जागरुक होना बहुत जरूरी है क्योंकि हमारे समाज में वुमंस हाइजीन पर जागरूकता नहीं है इसलिए आज बदलाव की टीम ने सभी आशा वर्करों को जागरूक किया और सभी आशा वर्करों को सैनिटरी नैपकिन बांटें साथ ही सभी आशा वर्करों को कपड़े से बने मास्क भी दिए गए क्योंकि सैनिटरी नैपकिन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है वहीं मास्क हमें कोरोनावायरस से बचाते हैं
आज की मुहिम में ट्रस्ट की संस्थापक सुषमा यादव, हिमांशी यादव, डाक्टर अनिता और सभी आशा वर्कर शामिल रही।
