फरीदाबाद : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में विश्व रोज डे फार कैंसर पेशेंटस के अवसर पर सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस द्वारा “साहस और जीवटता से कैंसर को हराएं” ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्राचार्य, ब्रिगेड एवम् जूनियर रेडक्रॉस प्रभारी रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका पता चलते ही परिवार के हर परिवार को बहुत साहस एवम् हिम्मत की आवश्यकता होती है। यदि आप के आसपास किसी को कैंसर होता है तो उनको आपके साथ, पॉजिटिविटी और केयर की आवश्यकता होती है। कैंसर पेशंट्स की केयर के साथ आपकी जिम्मेदारियां भी बदल जाती हैं। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि वर्ल्ड रोज डे कैंसर पीड़ितों को गुलाब का फूल देकर उन्हें इस बीमारी से लड़ने और जिंदगी जीने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। कैंसर जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है। सकारात्मकता, आशा और जीवटता से बहुत से व्यक्ति कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने में सफल रहते हैं। रोज डे कनाडा की बारह वर्षीय बालिका मेलिंडा रोज की याद में मनाया जाता है।

मेलिंडा रोज ब्लड कैंसर के एस्किन ट्यूमर से ग्रसित थी। रोग कि पहचान होने के बाद डॉक्टर ने कहा था कि वह केवल दो सप्ताह ही जीवित रह सकती हैं, इस के पश्चात रोज ने कैंसर को हराने की आशा नहीं छोड़ी और कैंसर पीड़ित लोगों के जीवन को प्रेरित किया। उसने आशा व सकारात्मकता फैलाकर अपने जीवन के प्रत्येक दिन को सार्थक बनाया। वहीं वह अपनी सकारात्मक सोच के कारण छह महीनों तक जीवित भी रही। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि इस प्रकार इस दिन की कैंसर खिलाफ जागरूकता के तौर पर मनाने की शुरुआत हुई और साथ ही वर्ल्ड रोज -डे की शुरुआत हुई। कैंसर पेशंट्स के लिए पॉजिटिव रहना बहुत जरूरी है और अगर आप उनकी केयर कर रहे हैं तो आपका पॉजिटिव रहना भी जरूरी है। आपको सबसे ज्यादा इस बात का ध्यान रखना होगा कि कैंसर पीड़ित कई तरह के इमोशंस से गुजरते हैं। वे कभी चिड़चिड़ाते हैं, कभी खुश रहते हैं तो कभी दवाएं खा-खाकर निराश भी हो जाते हैं। उनसे हमेशा पॉजिटिव रहने के लिए जोर न डालें। उन्हें जैसा फील हो रहा है उसे सुनें और हर समय उनको साथ होने की फीलिंग करवाएं। फूल चिंता और कोमलता का प्रतीक है, जो कैंसर के रोगियों को बीमारी से लड़ने की आशा और शक्ति देता है। कैंसर के प्रति पॉजिटिव सोच के लिए प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा, प्राध्यापिका जसनीत कौर तथा अनु शर्मा ने छात्रा शिवानी, ताबिंदा तथा गुलबहार की पोस्टर के माध्यम से संवेदना व्यक्त करने के लिए सराहना की।
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