फरीदाबाद : हाथरस में दलित परिवार की बिटिया मनीषा के साथ घिनोना काम करके हत्या करने वाले आरोपियों को पूरा देश फांसी की मांग कर रहा है।और सामाजिक संगठन और राजनीतिक पार्टी धरना प्रदर्शन करके भाजपा सरकार को चारों तरफ से घेर रही हैं और जल्दी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रही हैं।आम आदमी पार्टी से एन आईटी 86 विधानसभा से चुनाव लड़ चुके समाजसेवी संतोष यादव का कहना है कि जब तक देश और राज्यों में भाजपा सरकार है तब तक भूल से भी दलित और पिछड़ा वर्ग को न्याय नही मिल सकता क्योंकि भाजपा सरमायदारों की पार्टी है और गरीबों का शोषण करने के लिए सत्ता में आई है।जब से भाजपा ने देश की सत्ता संभाली है तभी से बलात्कार,हत्या ,डकैती और जाति पाती की लड़ाई तो कभी हिन्दू मुस्लिम के दंगे को बढ़ावा दिया है।और गरीब,दलित,पिछड़ा और प्रवासियों के साथी अन्याय किया है।

संतोष यादव ने कहा कि एस सी और एस टी के कई कठोर कानून है जो दलित परिवार को न्याय दिलाने के लिए काफी हैं लेकिन भाजपा सरकार हाथरस मामले में पीड़ित परिवार को डराने धमकाने का काम कर रही है,प्रसाशन द्वारा पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर रखा जा रहा है और दलित परिवार के साथ मारपीट की जा रही है और डरा धमका कर आये दिन बयान बदलवाया जा रहा है ताकि केस को कमजोर किया जा सके।वैसे भाजपा सरकार कहती है कि हम हिन्दू संस्कृति की रक्षा करने आये है लेकिन सूर्यस्त के समय रात्रि में योगी सरकार ने मनीषा की चिता को जबरदस्ती पेट्रोल डालकर चिता जला दी और परिवार को आखरी दर्शन भी नही करने दिए।क्योकि प्रसाशन पुरा मिला हुआ है और जल्दी दाह संस्कार करके सभी सबूत मिटाने की साजिश सरकार द्वारा रची गई है ताकि विपक्ष पीड़िता का दुबारा मेडिकल न करवा सके।
आप नेता संतोष यादव ने कहा कि योगी सरकार अपनी पीठ थपथपाती है कि हम बदमासों का एनकाउंटर करके गाड़ी पलटकर तुरन्त न्याय देते हैं तो अब तक दोषी क्यों बचें हैं क्योकि दोषी सत्ता पक्ष के लोग है और सरकार इन्हें बचाना चाहती है और अब भाजपा सरकार द्वारा सीबीआई जाँच की मांग कर दी गई है इससे जाहिर होता है कि केस को लंबा ले जाने के मूड में सरकार और केस जितना लंबा जाएगा तब तक चिन्मयानंद और कुलदीप सेंगर की तरह आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित परिवार को खात्मा करवा सकती है सरकार या दबाव देकर केस खत्म कर सकती है सरकार।इसलिये हमारी मांग है कि इस केस को एक हफ्ते में दोषी को फांसी की सजा देकर समाप्त किया जाए ताकि आने वाले समय मे ऐसा घिनोना काम करने वालों को डर हो और पीड़ित को जल्दी न्याय मिल सके।
