दूरसंचार स्पेक्ट्रम की दो दिन चली नीलामी मंगलवार को संपन्न हो गई। इस दौरान रिलायंस जियो सबसे बड़ी खरीदार रही। दूरसंचार सचिव ने इस संबंध में बताया कि रिलायंस जियो ने स्पेक्ट्रम के लिए 57,122.65 करोड़ रुपये की बोली लगाई। सचिव ने बताया कि दो दिनों में 77,814.80 करोड़ रुपये मूल्य के रेडियो तरंगों की खरीद की गई। दूरसंचार सचिव ने बताया कि सोमवार को 2,250 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू हुई थी। इसका आरक्षित मूल्य करीब चार लाख करोड़ रुपये था। नीलामी के दौरान 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज और 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड में बोलियां आईं। लेकिन 700 और 2500 मेगाहर्ट्ज में कोई बोली नहीं मिली।

भारती एयरटेल ने खरीदा 18,699 करोड़ का स्पेक्ट्रम
भारती एयरटेल ने बताया कि उसने 18,699 करोड़ रुपये की रेडियोतरंगों का अधिग्रहण किया है। कंपनी ने कहा कि इससे उसे भविष्य में 5जी सेवाएं देने में सफलता मिलेगी। कंपनी ने कहा कि अब उसे देशभर में गीगाहर्ट्ज उपक्षेत्र में स्पेक्ट्रम मिल गया है, जिससे कंपनी अब शहरों में घरों के अंदर और भवनों में भी अच्छी कवरेज दे सकेगी।
नए स्पेक्ट्रम में क्यों निवेश नहीं करना चाहते ऑपरेटर
कुल स्पेक्ट्रम में से 700 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम का हिस्सा एक-तिहाई था। 2016 की नीलामी में यह स्पेक्ट्रम बिल्कुल नहीं बिका था। विश्लेषकों ने कहा कि गीगाहर्ट्ज बैंड से नीचे अन्य स्पेक्ट्रम कम कीमत पर उपलब्ध है। ऐसे में ज्यादातर ऑपरेटर नए स्पेक्ट्रम में निवेश नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें उपकरणों पर अतिरिक्त खर्च करना होगा।
वोडाफोन-आइडिया: 1993 करोड़ के स्पेक्ट्रम की खरीद
सचिव ने बताया कि वोडाफोन-आइडिया ने इस नीलामी में 1,993.40 करोड़ रुपये मूल्य के स्पेक्ट्रम खरीदे। कंपनी ने कहा कि उसने नीलामी में पांच सर्किलों में जो स्पेक्ट्रम खरीदा है उससे 4जी कवरेज और क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि इससे वह अपने ग्राहकों को ‘शानदार डिजिटल अनुभव’ उपलब्ध करा पाएगी।
जियो ने शुरू की 5जी लॉन्च की तैयारी
दो दिन चली दूरसंचार विभाग की स्पेक्ट्रम नीलामी में रिलायंस जियो ने सभी 22 सर्किलों में स्पेक्ट्रम खरीदा है। इस खरीद के बाद रिलायंस जियो के पास कुल 1717 मेगा हर्ट्ज (अपलिंक+डाउनलिंक) हो जाएगा जो पहले के मुकाबले 55 फीसदी अधिक है। स्पेक्ट्रम की इस बड़ी खरीद से रिलायंस जियो को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। रिलायंस जियो ने जो स्पेक्ट्रम खरीदा है उसका इस्तेमाल 5जी सर्विस देने के लिए भी किया जा सकता है। रिलायंस जियो ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसने स्वदेशी 5जी तकनीक विकसित कर ली है, जिसे अमेरिका में टेस्ट कर लिया गया है। रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी ने भी इसी साल 5जी सेवा की शुरुआत करने की घोषणा की है। इस अवसर पर मुकेश अंबानी ने कहा, जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति ला दी है, भारत डिजिटल लाइफ को तेजी से अपनाने वाला देश बन गया है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अपने मौजूदा ग्राहकों के साथ साथ हम डिजिटिल सेवाओं से जुड़ने वाले संभावित 30 करोड़ उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन डिजिटल अनुभव प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा, ‘हम भारत में डिजिटल फुटप्रिंट को और विस्तार देने के लिए तैयार हैं और साथ ही 5जी रोलआउट के लिए खुद को तैयार कर रहे है।’ टेलीकॉम कंपनियों द्वारा स्पेक्ट्रम की कीमतों का भुगतान अगले 18 वर्षों में किया जाएगा। प्रतिद्वंदियों के मुकाबले जियो मजबूत स्थिति में है क्योंकि उसके पास औसतन 15.5 वर्षों के लिए स्पेक्ट्रम है।
