ग्राम सचिव भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच की आंच अब टोहाना एसडीएम संदीप कुमार तक पहुंच गई है। इस मामले में एसडीएम से शनिवार को पानीपत में एसआईटी ने 5 घंटे पूछताछ की। जानकारी लगी है कि एसडीएम संदीप कुमार समालखा के पैराडाइज स्कूल से लीक करने के मास्टरमाइंड मतलौडा निवासी नरेश के जीजा हैं। नरेश अब तक फरार है। मामले में संदीप की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
एसआईटी ने नोटिस देकर एसडीएम संदीप को पूछताछ के लिए बुलाया था। अनाज मंडी स्थित सीआईए-2 में उनसे एसआईटी प्रमुख एएसपी पूजा वशिष्ठ, सीआईए-2 इंचार्ज विरेंद्र सिंह ने सुबह 11 से शाम करीब 4 बजे तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए। पूछताछ के बाद वह चले गए। अब एसआईटी एसडीएम द्वारा दिए गए सवालों के जवाबों को वेरिफाई करेगी। अब तक की जांच में सामने आया कि एसडीएम संदीप सोनीपत के गांव गुमड़ के रहने वाले हैं। पहले वे प्रूडेंस की फ्रेंचाइजी लेकर पानीपत के बिशन स्वरूप कॉलोनी के अलावा गन्नौर व खरखौदा में कोचिंग सेंटर चलाते थे। करीब ढाई साल पहले वे एसडीएम बने। इसके बाद तीनों कोचिंग सेंटर पत्नी ऊषा व साले नरेश के नाम कर दिए। नरेश ने ही पैराडाइज स्कूल के मालिक जगदीश के साथ मिलकर पेपर लीक किया था। एसआईटी अब एसडीएम की पत्नी ऊषा से भी पूछताछ कर सकती है। 9 व 10 जनवरी को पैराडाइज स्कूल में बने सेंटर में ग्राम सचिव का पेपर था। 9 को गिरोह ने 6 परीक्षार्थियों के पास आंसर-की पहुंचाई थी। अगले दिन गिरोह पकड़ा गया। मामले में स्कूल मालिक जगदीप, उसकी पत्नी निशा, बेटा अनुज, 2 महिला, 5 परीक्षार्थी, दिल्ली पुलिस के एसआई विश्वजीत समेत 22 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
