हर दवा का साइड इफैक्ट हो सकता है, लेकिन प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रहने वाले को कोई भी साइड इफैक्ट नहीं हो सकता है। सुबह उठकर कुछ देर तक टहलना एक ऐसा एक्साइज है, जिसकी सहायता से हम अपने आप को पूरी तरह से स्वस्थ भी रख सकते हैं। कोविड ने लोगों को यह सीखा दिया कि अगर हमें स्वस्थ रहना है तो योग और प्राणायाम करना ही होगा। बीएनजी इंटरनेशनल स्कूल के प्रिसिंपल संजीव अग्रवाल योग के बदौलत अपनी सेहत को फिट रखे हुए हैं।

सुबह चार बजे उठने की आदत
संजीव अग्रवाल बताते हैं कि बचपन से ही वह सुबह चार बजे उठते थे। लाकडाउन की वजह से उनके सुबह उठने के समय में बदलाव हुआ। सुबह उठने के बाद वह सुबह-सुबह तेज गति से टहलते हैं। थोड़ी सी साइक्लिंग और रनिंग उनकी दिनचर्या में शामिल है। सुबह उठने के बाद संजीव कपाल भारती, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार ,भुजंगासन सर्वांगासन करते हैं। सुबह उठने और योग अभ्यास करने से वह खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। इससे वह अपने वजन को भी पूरी तरह से नियंत्रित कर पाए हैं। तनाव, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि से भी खुद को बचा सकें।
वह कहते हैं कि सबसे अधिक फर्क सुबह उठने के बाद दिखता है। सुबह जल्दी उठने से मैं खुद को तरोताजा महसूस करता हूं। शरीर, दिमाग और आत्मा स्वस्थ और तरोताजा रहती है। दिनभर ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करने की क्षमता भी विकसित होती है। वह बताते हैं कि आप जो कुछ भी सोचे उसे एक नियम बनाएं और फिर उसे पूरी लगन से एक साथ करें। जैसे कि सुबह सवेरे जल्दी उठने का कोई भी विकल्प नहीं है। रात को सोने का समय भी 10 बजे तक हो जाए तो बहुत ही अच्छा है।खानपान के विषय में भी थोड़ा संयमित होने की आवश्यकता है। संजीव अग्रवाल बताते हैं कि कोविड-19 बाद दिनचर्या में असर तो आया। सुबह जो बहुत जल्दी उठने की आदत थी, वह अब चुनौती बन चुकी है। लाकडाउन के वक्त बाहर आने और जाने पर पाबंदी थी तो घर में रहकर खानपान भी संयमित और व्यवस्थित नहीं हो पाया। उसको भी वापस ट्रैक पर लाना बड़ी चुनौती है। योग, व्यायाम और नियम यह तीनों चीजें मिलकर बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान दे सकती हैं।
