नया साल सेहत के लिहाज से एक अच्छी खबर लेकर आ रहा है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब दिल का भी इलाज हो पाएगा। कॉलेज प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी है, जिसके तहत जल्द ही अस्पताल में कार्डियक यूनिट और कैथ लैब स्थापित की जाएगी। वहीं, कार्डियक ओपीडी अस्पताल में शुरू कर दी गई है। बीते डेढ़ दशक में दून व आसपास हृदय रोगियों की संख्या बढ़ी है। इसमें मैदानी ही नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों के भी मरीज शामिल हैं। यहीं नहीं, अब कम उम्र को लोग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। पर सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग के उपचार की सुविधा नहीं है। जिस कारण व्यक्ति को मजबूरन निजी अस्पताल का रुख करना पड़ता है। जहां इलाज अपेक्षाकृत बहुत महंगा है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्डियक यूनिट व कैथ लैब स्थापित होने से निम्न व मध्यम वर्ग के मरीजों को लाभ मिलेगा। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, अस्पताल में कार्डियक यूनिट व कैथ लैब जल्द स्थापित हो जाएगी। जिसके बाद हृदय रोग से पीडि़त मरीजों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट), ईको आदि की सुविधा पहले से ही है। कार्डियक सर्जन की नियुक्ति व नया ओटी ब्लॉक शुरू होने के बाद कार्डियक ओटी भी शुरू कर दी जाएगी।
क्या होती है कैथलैब
दिल की जांच और इलाज के लिए अस्पतालों में अलग से कैथलैब होती है। इसमें मशीनों के जरिये मॉनीटर पर देखकर दिल की बीमारी का पता लगाया जाता है। कैथलैब में एंजियोग्राफी, एंटीयोप्लास्टिक आदि की सुविधा होती है।
कार्डियक ओपीडी शुरू
नए ओपीडी ब्लॉक के तृतीय तल पर कार्डियक ओपीडी शुरू कर दी गई है। जहां कार्डियालॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को मरीज देखेंगे। बाकी दिन हृदय संबंधी जांच, इमरजेंसी व भर्ती मरीजों को देखरेख के लिए रखे गए हैं।
