शहर के सरकारी गर्ल्स स्कूल में गेस्ट अध्यापिका को प्रताड़ित करने के आरोपों में घिरे प्रिंसिपल कम कार्यकारी खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी ने शुक्रवार घर में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। जबकि सुसाइड नोट में प्रिंसिपल राजकुमार मेहता ने सवा करोड़ में प्रॉपर्टी का सौदा होने और लगभग रकम लेने के बाद भी पार्टी के मुकरने को आत्महत्या की वजह बताया है।
पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर 5 लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। राज कुमार मेहता और स्कूल चौकीदार संजीव शर्मा के खिलाफ 2 बीईओ आधारित उच्च स्तरीय जांच टीम शुक्रवार को स्कूल में पहुंचनी थी। इसके लिए सभी को स्कूल बुलाया हुआ था लेकिन प्रिंसिपल राजकुमार मेहता स्कूल नहीं पहुंचे और दोपहर करीब साढ़े 11 बजे उनके घर में जहरीला पदार्थ निगलने से सुसाइड का पता चला। जिसके बाद बेटे ने उन्हें पंजाब के राज अस्पताल में भर्ती करवाया जहां राजकुमार को मृत घोषित कर दिया।इसी दौरान प्रिंसिपल के बेटे पुलकित मेहता को वॉट्सएप कर शहर के प्रॉपर्टी डीलर हैपी डीलर ने राजकुमार का सुसाइड नोट होने का खुलासा किया। पुलकित ने पिता के बेड से इसे बरामद किया। इसमें एक करोड़ 12 लाख 25 हजार रुपये में चौटाला रोड पर खरीदी गई प्रॉपर्टी विवाद में विक्रेता जगदम्बा सेनेट्री के संचालक अनु कौशल, गोपाल व अशोक जेतो वाले को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। वहीं मामले में पुलिस ने बयान पर शामिल दो प्रॉपर्टी डीलर कमल सेठी व पंकज सहित 5 आरोपियों के खिलाफ धारा 306 व 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि प्रिंसिपल पर पिछले सप्ताह उनके स्कूल की गेस्ट अध्यापिका ने सेक्सुअल हरासमेंट और प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए बीईओ व सीएम विंडो में मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। जिसकी प्राथमिक जांच 3 प्रिंसिपल्स की टीम ने की थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय टीम शुक्रवार को जांच के लिए स्कूल में पहुंच रही थी, लेकिन इससे पहले ही संदिग्ध अवस्था में प्रिंसिपल राजकुमार मेहता की मौत हो गई।
