फरीदाबाद : बादशाह खान चौक से लेकर 1-2 के चौक तक दुकानदारों द्वारा किए हुए अतिक्रमण पर नगर निगम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। तोड़फोड़ दस्ते का नेतृत्व स्वयं संयुक्त आयुक्त प्रशांत अटकान कर रहे थे। बीच-बीच में दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। कुछ दुकानदार तो अर्थमूवर के आगे आ गए और एक शख्स अपने छज्जे के नीचे ही खड़ा हो गया, ताकि अर्थमूवर इसे तोड़ न सके। इस दौरान कनिष्ठ अभियंता के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। विरोध बढ़ता देख तोड़फोड़ दस्ते को पीछे हटना पड़ा। अब नगर निगम अधिकारी कार्रवाई में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कह रहे हैं। दरअसल, इस मार्ग पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण का एक केस हाई कोर्ट में चल रहा है। निगम अधिकारियों को कोर्ट में जवाब दाखिल करना है। उसी कड़ी में शुक्रवार को कार्रवाई की गई। इस दौरान कई दुकानें व अन्य संस्थान को सील भी किया गया। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की शिकायत दी थाने में

संयुक्त आयुक्त ने अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में एनआइटी थाना में गुरुमुख दास के खिलाफ व थाना कोतवाली में पार्षद मनोज नासवा के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि स्टेट बैंक आफ इंडिया के पीछे रेलवे लाइन किनारे अवैध रूप से गोदाम बनाया हुआ है। जब तोड़फोड़ दस्ता चहारदीवारी तोड़ने लगा तो मौके पर गुरुमुख दास ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाई और कार्रवाई को पूरा नहीं होने दिया, जबकि पार्षद ने बादशाह खान चौक से 1-2 के चौक तक अतिक्रमण हटाने वाली कार्रवाई में बाधा पहुंचाई। दूसरी ओर गुरुमुख का कहना है गोदाम उनकी अपनी जमीन पर बना है। यह जमीन उनके दादा-दादी के नाम है। जमीन से मालिकाना हक से संबंधित सभी दस्तावेज उनके पास हैं। मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। नगर निगम ने जबरदस्ती उनकी चहारदीवारी तोड़ी है। वहीं पार्षद मनोज नासवा के अनुसार उन्होंने कोई विरोध नहीं किया बल्कि संयुक्त आयुक्त से अनुरोध किया था कि दुकानदारों को पहले नोटिस देने चाहिए थे और वक्त मिलना चाहिए। दुकानदार खुद ही अतिक्रमण हटा लेते, तो उनका नुकसान बच जाता, लेकिन संयुक्त आयुक्त ने हाई कोर्ट का हवाला देते हुए छूट देने से मना कर दिया। ग्रीनफील्ड व ग्रीनवैली में की तोड़फोड़ जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट के दस्ते ने शुक्रवार को ग्रीनफील्ड व ग्रीनवैली में 16 निर्माण तोड़े। जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट राजेंद्र शर्मा ने बताया कि ग्रीनफील्ड में लोगों ने अवैध रूप से दुकान व अन्य निर्माण किए हुए थे, जबकि ग्रीनवैली में पार्क में एक अवैध निर्माण था।
