फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] दयालबाग स्थित सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल फरीदाबाद का पहला ऐसा स्कूल है जिसमें महिला उत्थान हेतु सूरजकुंड इंटरनेशनल टी-20 बालिका(महिला) क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कराया और यह संदेश प्रसारित किया कि वर्तमान में महिलाओं की प्रतिभा से कोई क्षेत्र अछूता नहीं है।आज की नारी ‘शक्ति का संपूर्ण पुंज’ है जो प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है इस शुभ अवसर पर सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल के मुख्य निदेशक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र भड़ाना ने सिक्का उछाल कर टूर्नामेंट का शुभारम्भ किया तथा स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती शुभ्रता सिंह ने पहले बैटिंग करते हुए महिला क्रिकेट का उद्घाटन किया व सम्मिलित टीमों को भी शुभकामनाएं दी।
सूरजकुंड इंटरनेशनल टी-20 बालिका क्रिकेट टूर्नामेंट में पहला मैच रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी और एंजेल क्रिकेट अकादमी के बीच खेला गया जिसमें रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाते हुए दूसरी टीम के धुरंधर खिलाडियों व खेल को रोचकता प्रदान करते हुए रीमा सिसोदिया ने 46 गेंदों पर 91 रन बनाए जिसमें 12 चौके और 6 छक्के शामिल थे तथा दीपिका ने 33 गेंदों में 41 रन की पारी खेलते हुए 7 चौके और एक छक्का जड़ा ओवर समाप्ति तक दूसरी टीम के लिए 193 रनों का लक्ष्य निर्धारित किया। दूसरी टीम के प्रतिभाशाली महिला खिलाडय़िों ने गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए मेधा, अदिति और मानसी ढाका ने दो-दो विकेट लिए। इस खेल में रविंद्र फागना क्रिकेट अकादमी ने 57 रनों के साथ अपनी जीत दर्ज की। वूमेन ऑफ द मैच रीना सिसोदिया तथा फाइटर वूमेन ऑफ द मैच कृतिका को दिया गया जिन्होंने 30 गेंदों में 42 बनाए वह अंत तक नॉट आउट रहीं। एंजल क्रिकेट अकादमी की महिला खिलाडय़िों ने 6 विकेट के नुकसान पर 136 रन बनाए इस टूर्नामेंट के अवसर पर उपस्थित सूरजकुंड इंटरनेशनल स्कूल के मुख्यनिदेशक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सत्येंद्र भड़ाना ने दोनों टीमों को प्रबल दावेदार बताते हुए विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की और उन्हें संबोधित करते हुए कहा इतिहास में पहला महिलाओं का क्रिकेट मैच 26 जुलाई 1745 में खेला गया लेकिन 1887 में पहली बार यॉर्कशायर महिला क्रिकेट क्लब का नाम सामने आया उन्होंने महिला क्रिकेट को नारी सशक्तिकरण एक सशक्त माध्यम बताया और कहा कि आज की नारी पृथ्वी से लेकर आकाश तक अपनी शक्ति व प्रतिभा से अपनी पहचान बना रही है और आगे भी महिला उत्थान के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन करते रहेंगे जिससे बालिकाओं में ऊर्जा का संचार होता रहे ढ्ढ इसके पश्चात प्रधानाचार्या श्रीमती शुभ्रता सिंह ने भी महिलाओं के विकास के क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां गिनाते हुए प्रतियोगी खिलाडय़िों के जोश और दमदार प्रदर्शन की सराहना की और हमेशा शीर्ष पर रहने की कामना की।
