फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने अपने सभी सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की औसत बिलिंग के आधार पर जमा की गई अग्रिम खपत जमा (ए.सी.डी.) की समीक्षा करने का निर्णय लिया हैं। इसके तहत प्रत्येक उपभोक्ता की साल में आने वाले औसतन दो बिलों के बराबर अग्रिम सुरक्षा राशि का जमा होना अनिवार्य है। अगर औसतन दो बिलों से कम अग्रिम सुरक्षा राशि जमा है तो उपभोक्ता से उसकी बकाया राशि वसूली जाएगी। अगर उसने पहले से ज्यादा अग्रिम राशि जमा कराई हुई तो निगम की ओर से उसे वह राशि वापस कर दी जाएगी। रविवार को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एक प्रवक्ता ने जारी बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के निर्देशानुसार सभी सक्रिय बिजली उपभोक्ताओं को वित्तीय वर्ष में दो औसत बिलिंग चक्र के बराबर अग्रिम सुरक्षा राशि रखना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण निगम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं की अग्रिम खपत जमा की समीक्षा स्थगित कर दी गई थी। अब इसे हरियाणा बिजली विनियामक आयोग के निर्देशों के अनुसार 24 मार्च, 2021 से प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग के मानदंडो को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त समीक्षा राशि को उपभोक्ता के खाते में दो किस्तों में चार्ज या वापस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा उपभोक्ताओं को एस.एम.एस. के माध्यम से भी इस बारे जानकारी दी जा रही है। हाल ही में यह देखा गया है कि कुछ उपभोक्ताओं को स्पॉट बिल और ऑनलाइन उपलब्ध बिल में दिखाई गई अलग-अलग राशि के कारण अपने बिजली बिलों का भुगतान करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ऐसे उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रक्रिया 24 मार्च, 2021 से पहले आई.टी. प्रणाली में चल रही थी यानि यह ए.सी.डी. समीक्षा प्रक्रिया शुरू होने से पहले की स्थिति थी।
उन्होंने बताया कि निगम ने अपने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि 24 मार्च, 2021 के बाद शुरू किए गए सभी बिलिंग बाइंडरों में ऐसी कोई बिलिंग विसंगति नहीं होगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने बिजली बिलों का समय पर भुगतान करके निगम का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता इस सम्बन्ध में अधिकतम जानकारी के लिए निकटमत बिजली कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं। अधीक्षण अभियंता नरेश कुमार कक्कड़ ने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर किसी उपभोक्ता का एक महीने का औसतन दो हजार यानिकी साल में 6 बिलिंग चक्र में12 हजार रुपये का बिल आता है। तो उससे अग्रिम राशि के रूप में में 4 हजार रुपये वसूली जाएगी। अगर उसने पहले से एक हजार रुपये अग्रिम राशि जमा कराई हुई है तो उससे 3 हजार रुपये वसूला जाएगा। अगर उसने पहले से अग्रिम राशि के रूप में 5 हजार रुपये जमा कराई हुई है तो उसे एक हजार रुपये वापस किए जाएंगे।
