रोहतक शहर के रैनकपुरा में बीते दिन एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल ने आत्म हत्या कर ली थी। जिसके बाद उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर उसमें मरने की वजह बताई थी। लेकिन आत्महत्या के 10 घंटे बाद सोशल मीडिया से वह वीडियो हटा दी गई है। इस वीडियो के हटाने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। मृतक मुकेश डागर के छोटे भाई नरेंद्र ने सवाल उठाए हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है, मुझे नहीं पता, लेकिन भाई किसानों के दुख से ज्यादा ही दुखी थे। उनके ही बारे में चर्चा करते थे। चूंकि हमारी भी साढ़े तीन बीघा जमीन है और पिता ही खेती संभालते हैं। नरेंद्र के अनुसार दोपहर को पुलिस पहले आई तब वहां घटनास्थल को देखने के बाद वहां पर मुकेश का फोन कब्जे में ले लिया।
इसके बाद पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस दोबारा आई और मुझसे ही फोन का लॉक भी खुलवाया। हालांकि मैंने कहा भी था कि वीडियो से छेड़छाड़ या डिलीट ना करना। उनके साथ साइबर टीम का भी एक व्यक्ति शामिल था, उसने कहा कि वीडियो तो डिलीट करेंगे ही। जैसे ही मैंने आपत्ति उठाई तो इस पर एसएचओ ने कहा था कि ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन हमें बारीकी से जांच तो करनी ही पड़ेगी। सीधे तौर पर पुलिस ने बात पलट दी थी। हर कोई मामला दबाने में लगा है। सबूत मिटाना गलत है। मुझे उम्मीद है कि अंतिम बयान ही भाई को न्याय दिलाएगा।
वीडियो में कही थी ये बात
राम-राम भाईयों, मैं मुकेश डागर, रैनकपुरा रोहतक से। मेरा मन बहुत ज्यादा विचलित है आज, किसानों के लिए। तीन महीने से ज्यादा टाइम हो गया मेरे को विचलित हुए। मैं हर पोस्ट आपकी शेयर करता हूं और अंदर से बहुत ज्यादा दुखी हूं। किसान भाईयों, 4 महीने से ऊपर हो गया आपको यहां पर बैठे हुए। और मोदी हमारे माननीय प्रधानमंत्री से कोई भी उम्मीद नहीं है। क्योंकि उन्हें अपने राज में अपनी वोट की राजनीति से फुर्सत ही नहीं मिलती। वो तो ये चाहते हें कि यहीं पर बैठे रहे किसान और ऐसे ही शहादतें देते रहे। आज मैं अपनी शहादत देने जा रहा हूं। और मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी जी हैं….। और मैं उन भाईयों का भी शुक्रिया करता हूं, दिल से धन्यवाद करता हूं। जिन्होंने अपनी पोस्टें छोड़कर, अपनी नौकरी को लात मारकर किसानों का जो साथ दिया है, उसका दिल से धन्यवाद।
