फरीदाबाद : कोरोना से संबंधित हर जानकारी देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने डॉक्टर ऑन कॉल सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले पिछले साल लॉकडाउन के दौरान यह सेवा शुरू की गई थी। लोग तय समय पर फोन कर विशेषज्ञ डॉक्टरों से निशुल्क सलाह ले सकेंगे। उक्त सेवा का लाभ उठाने के लिए 0120-2425301 पर फोन किया जा सकता है। समस्या बताने पर कॉल सेंटर पर उपस्थित ऑपरेटर संबंधित डॉक्टर से संपंर्क करा देंगे। अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
इन डॉक्टरों का होगा पैनल
डॉ. मोहिता शर्मा, ऑप्थामेलॉजिस्ट – सोमवार से शनिवार दोपहर 2-3 बजे
डॉ. एनके शर्मा, फिजिशियन – सोमवार से शनिवार दोपहर 2-5 बजे
डॉ. ममता साहू, गाइनेकॉलोजिस्ट – सोमवार से शनिवार दोपहर 12-2 बजे
डॉ. आरके बंसल, मनोचिकित्सक – सोमवार से शनिवार दोपहर 2-4 बजे
डॉ. ज्योति खन्ना, फिजिशियन – सोमवार से शनिवार सुबह 9-12 बजे
डॉ. प्रकाश जैन, फिजिशियन – सोमवार से शनिवार दोपहर 2-3 बजे
डॉ. नमन शर्मा, फिजिशियन – सोमवार से शनिवार शाम 5-6 बजे
हेल्पलाइन पर मरीजों को नहीं मिल रही जानकारी
नोएडा (सं.) : कोरोना संक्रमितों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहीं लोगों की सहायता के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम से भी निराशा ही मिल रही है। कंट्रोल रूम के दिए गए टोल फ्री नंबर के आईवीआर नंबरों पर कोई सहायता नहीं मिल रही है। आरोप है कि हेल्पलाइन पर केवल उन्हें गुमराह किया जाता है। जिला प्रशासन लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। प्रतिदिन गौतमबुद्धनगर के विभिन्न स्थानों से 4 हजार से अधिक फोन आ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कंट्रोल रूम से किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही है। शहरवासियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन पर उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। हेल्पलाइन पर मौजूद अधिकारी केवल वही जानकारी देते हैं जो समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है। एंबुलेंस की सहायता के लिए 108 नंबर डायल करने की सलाह दी जाती है।
खुद करें इलाज नहीं है बेड : छालेरा निवासी विष्णु गुप्ता की पत्नी उर्मिला दो दिन से बीमार चल रही थीं। विष्णु ने बताया कि कंट्रोल रूम में इमरजेंसी सेवा के लिए फोन किया गया तो मौजूदा अधिकारी ने बताया कि आप मरीज का घर पर ही इलाज कराएं। अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं है और ना ही ऑक्सीजन की उपलब्धता है। आप हो किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिलेगी। कंट्रोल रूम पर मौजूद कर्मचारी सही जानकारी नहीं दे सके। आरोप है कि इलाज न होने के चलते उनकी पत्नी का देहांत हो गया।
