फरीदाबाद : डीसी यशपाल यादव ने स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि वह जिला में कम से कम 8-10 हजार लाेगों की रोजाना कोरोना जांच सुनिश्चित कराएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों काे ट्रेस कर उनका समय रहते इलाज किया जा सके। कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ गई है। प्रत्येक पीड़ित व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मी की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देखता है। हमें भी उन्हें हर संभव स्वास्थ्य सुविधा देकर उनके उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करना चाहिए।
डीसी रविवार को बी के अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर कोविड-19 निगरानी के लिए गठित लोकल कमेटी के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी संकेत दिए।
प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए :
डीसी ने कहा कि टेस्टिंग बढ़ाने औऱ टेस्ट करने वाली प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए। इसके साथ ही रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की पूरी योजना बनाने, उसके आंकड़ों को समय रहते ऑनलाइन अपलोड करने के लिए मैनपावर की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिला में रोज कम से कम आठ से दस हजार टेस्टिंग का टारगेट हाेना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक लाेगाें को समय रहते संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।
आदेश न मानने पर की जाएगी कार्रवाई :
फरीदाबाद के कई निजी प्रयोगशालाओं ने टेस्टिंग बंद कर रखी है। जिन प्रयोगशालाओं में टेस्टिंग हाे रही है उनकी रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल पा रही है। डीसी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि निजी लैब वाले डेटा जल्द से जल्द समय रहते पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि यदि निजी प्रयोगशालाओं द्वारा सरकारी आदेशों की अनुपालना नहीं की जा रही हो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
नहीं होनी चाहिए कोई ढिलाई :
उन्होंने डॉ चोपड़ा की टीम से कहा कि टीम सभी इंसीडेंट कमांडरों को सुबह 10 बजे से पहले उनके एरिया में पाए नए कोरोना मरीजों की सूची सांझा करेगी। इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इंसीडेंट कमांडर इन मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बूथ लेवल कमेटी से करवाना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा कौनसी पीएचसी/ सीएचसी को कौन से डीसीएच / डीसीएचसी हॉस्पिटल के साथ अटैच किया गया है इन सभी की सूची भी इंसीडेंट कमांडर के साथ साझा किया जाए।
अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई :
डीसी ने कहा कि जिला में कोरोना संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए इंसीडेंट कमांडर नियुक्त किए गए हैं। इनके नीचे जोनल कमेटी व लोकल कमेटियों का गठन किया गया है। लेकिन लोकल कमेटियों के कुछ सदस्य कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों को ज्यादातर कार्य घर से ही करना है और अगर आवश्यकता पड़ती है तो जरूरतमंद मरीजों को भर्ती करवाना पड़ता है। उन्होंने सभी इंसिडेंट कमांडरों को निर्देश दिए कि जो लोकल कमेटी के सदस्य ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं उनकी सूची बनाकर तुरंत दी जाए। ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत आपदा प्रबंधन अधिनियम में कार्यवाही की जाएगी और नौकरी से निलंबित भी किया जाएगा।
